मऊ। विश्व हिन्दू परिषद की युवा इकाई बजरंग दल के शौर्य प्रशिक्षण वर्ग के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र संगठन मंत्री अंबरीष ने कहा कि रामलला के भव्य मंदिर का निर्माण राष्ट्रीय स्वाभिमान के पुनर्प्रतिष्ठा का विषय है। उसका चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है। कहा कि हमने मंदिर निर्माण का आन्दोलन हिन्दू समाज के श्रद्धा के बल पर प्रारम्भ किया था। कहा कि हमारा मानना है कि मंदिर निर्माण श्रद्धा के बल पर ही होगा।उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन परिषद का गठन होना अद्भुत संयोग है। मुंबई में स्वामी चिन्मयानन्द के आश्रम संदीपनि साधनालय में इसके गठन के समय स्वामी चिन्मयानन्द, गुरुजी, केएम मुंशी, मास्टर तारा सिंह, कुशक बकुला, सुशील मुनि सरीखे विद्वान मौजूद थे। 1969 में उडुपी में विश्व हिन्दू सम्मेलन इसका एक अहम पड़ाव रहा। इसके बाद 1979 में प्रयाग में संगम तट पर दूसरा सम्मेलन हुआ, जिसमें तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा भी शामिल हुए। कहा कि अगर इस देश में रहना है तो वंदे मातरम कहना ही होगा और भारत माता की जय भी कहना ही होगा।इस पर कोई शर्त नहीं लगाई जा सकती।इस दौरान प्रान्त उपाध्यक्ष रामकृष्ण भारद्वाज, प्रांत संगठन मन्त्री प्रदीप पाण्डेय, प्रान्त सह संगठन मन्त्री राजेश सिंह, विभाग सह मन्त्री भानु प्रकाश पाण्डेय, जिलाध्यक्ष शैलेन्द्र सिंह तोमर, जिला उपाध्यक्ष मनोज कुमार जायसवाल, कौशल श्रीवास्तव, अभिषेक भारद्वाज, सुजीत भारद्वाज, प्रवीण कुमार बरनवाल, विशाल चौहान आदि मौजूद रहे।