नगर पालिका द्वारा नगर के वार्डो से निकलने वाले कचरा को जमीन ना होने के चलते शहर के विभिन्न क्षेत्रों में डंप किया जा रहा है। उधर कचरा डंप होने के बाद नगर पालिका के कर्मचारियों द्वारा ही बिना प्रोसेस के कचरा को जला रहे हैं। इससे ना केवल पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है बल्कि स्थानीय क्षेत्र के लोग भी इससे परेशान हो रहे है।
बताते चले कि नगर पालिका द्वारा42 वार्डो से निकलने वाला करीब 115 टन कचरा नगर क्षेत्र के ढेकुलिया घाट, पुरानी तहसील के पास खाली पड़ी जमीन के अलावा नरई बांध के पास डंप किया जाता है। कचरा डंप होने की समस्या करने पर नगर पालिका के कर्मचारी कचरे को खत्म करने के लिए उसे जला देते है। रविवार को भी नरईबांध के पास डंप कचरे को जला दिया गया। कचरे में लगी आग से उठने वाले धुंआ से जहां वाहन चालक काफी परेशान रहे तो वहीं आस पास बने घर के लोग भी इससे काफी देर तक परेशान रहे। इस बाबत नगर पालिका ईओ संजय कुमार मिश्रा ने बताया कि जमीन के अभाव में कुछ जगहों पर कचरा डंप किया जा रहा है। वहीं कचरे को जलाने के संबंध में बोले कि नगर पालिका के कर्मचारियों द्वारा कचरे में आग नहीं लगाई जा रही है।