जिले के निजी स्कूल प्रबंधकों द्वारा स्कूलों में छात्रों के पठन-पाठन, शुल्क और पाठ्य पुस्तकों के चयन में मनमानी की जा रही है। ये स्कूल आरटीई सहित अन्य विभागीय मानकों का अनुपालन नहीं कर रहे हैं। अभिभावक संघ ने इस पर नाराजगी जताते हुए इस संबंध में एक ज्ञापन प्रभारी जिलाधिकारी को सौंपकर विभागीय मानकों केे लागू कराने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा जारी दिशा निर्देश में स्कूल बैग के वजन का मानक लागू किया है। एनसीआरटी ने विषयों के अलावा छात्रों को अतिरिक्त पाठ्य पुस्तकों और अन्य सामग्री लाने पर भी रोक लगा रखी है। इसके बावजूद नये सत्र के लिए स्कूलों की मनमानी शुरु हो गई है। इसके साथ ही जिले में संचालित अधिकांश प्राईवेट विद्यालय बिना मान्यता के चल रहे हैं। इसी क्रम में अग्रेजी माध्यम के एक स्कूल प्रबंधन ने छठवीं कक्षा के छात्रों के लिए 38 किताबों की सूची छात्रों को दी है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि इन स्कूलों में सरकार की गाइड लाइन का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। प्रतिनिधि मंडल में अभिभावक मंच के संरक्षक गुप्तेश्वर सिंह, अध्यक्ष अमरेश कुमार सिंह, रमाशंकर सिंह, अरविंद मूर्ति, अतुल सिंह, शयाम आशीष चौहान, आरके. मसीह, उत्तम सिंह, उदय प्रताप राय, परशुराम सिंह, पवन सिंह, आनंद सिंह सोनू, अजय सिंह भोला, विपिन सिंह, नीरज मिश्रा, विजय शंकर प्रजापति, बृजेश कुमार, सुभाष चंद्र यादव, राहुल यादव, राजकुमार शर्मा आदि शामिल रहे।