माटी कला बोर्ड उत्तर प्रदेश के सदस्य हरेंद्र कुमार प्रजापति ने कहा है कि प्रदेश सरकार मिट्टी कला से जुड़े कारीगरों के लिए मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराएगी। उन्हें व्यावसायिक शिक्षा , बाजार तथा विपणन में उनकी मदद करके उनका जीवन स्तर ऊंचा उठाएगी। वह बुधवार को अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि माटी कला बोर्ड के एक स्वशासी निकाय के रूप में गठन का प्रमुख उद्देश्य प्रदेश में मिट्टी से कार्य करने वाले कारीगरों एवं शिल्पियों के व्यवसाय में वृद्धि करना, उनके परंपरागत कला को संरक्षित और संवर्धित करना है। इसके साथ ही कुम्हारों की सामाजिक, आर्थिक सुरक्षा एवं तकनीकी विकास को बढ़ावा देने के साथ उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना भी बोर्ड का उद्देश्य है। परंपरागत एवं नव प्रशिक्षित शिल्पियों को विपणन सुविधा उपलब्ध कराना, प्रदर्शनी के आयोजन कराना तथा राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय बाजारों की जानकारी बोर्ड के माध्यम से समय-समय पर उपलब्ध कराया जाना बोर्ड के दायित्वों में शुमार किए गए हैं। कुम्हारों को वित्तीय सहायता दी जाएगी। इलेक्ट्रिक चाक चलाने वाले कुम्हार को 35 प्रतिशत अनुदान के साथ एक लाख तक की वित्तीय सहायता मिलेगी। इस पर तीन साल तक कोई ब्याज नहीं देना होगा।
मिट्टी से बने सारे सामानों की बिक्री डिपो के माध्यम से सरकार धान गेहूं खरीद की तर्ज पर की जाएगी। मिट्टी के प्रेशर कुकर उत्पादित किए जाएंगे। इस प्रेशर कुकर की खासियत होगी कि इसमें 97 प्रतिशत प्रोटीन सुरक्षित बच जाएगा। इस दौरान नवनियुक्त ब्लॉक अध्यक्ष विनोद कुमार गुप्ता, भूतपूर्व सैनिक संगठन के जिला संयोजक परमात्मा नंद सिंह, परशुराम सिंह ,शिव बचन राजभर, प्रेम कुमार गौड़ आदि मौजूद रहे।