मऊ। मीजल्स रुबेला (एमआर) टीकाकरण अभियान जिले में रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। हालत यह है कि जिले में निर्धारित लक्ष्य 50 फीसदी से आगे नहीं बढ़ पा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें आठ लाख टीकाकरण के सापेक्ष 27 दिन बीतने के बाद भी केवल 4 लाख 8 हजार 142 बच्चों को ही टीका लगा सकी हैं। मदरसों और मुस्लिम इलाकों में 5 फीसदी टीकाकरण से स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ गई है। अभी भी चार लाख बच्चे टीकाकरण से वंचित हैं और समय केवल एक सप्ताह बचा है। एक सप्ताह में चार लाख बच्चों का टीकाकरण भारी चुनौती होगी।
बताते चलें कि जिले में एमआर टीकाकरण के लिए मऊ नगर में 28 तथा पूरे जिले में 300 टीमें गठित की गई है। 10 दिसंबर 2018 से शुरू हुए 30 दिवसीय अभियान के तहत 14 जनवरी तक सदर तहसील, मधुबन, मुहम्मदाबाद गोहना और घोसी तहसील के 9 ब्लाकों में 5 माह से 15 साल के आठ लाख बच्चों को टीका लगाना था। इसके तहत जिले के 4929 स्कूल, 511 कॉलेज और 175 मदरसा और 2500 से ज्यादा आंगनबाड़ी केंद्रों के अलावा जिले के सभी 9 सीएचसी और 38 पीएचसी पर अभियान चलाना था।
तमाम कवायदों के बाद भी अभियान के 27 वें दिन लक्ष्य के सापेक्ष विभाग 50 फीसदी ही टीकाकरण करवा पाया। अभियान में सबसे मुश्किल मुस्लिम इलाकों में आ रही है। जहां अधिकतर अभिभावक बच्चों को टीका लगाने से हाथ खींच रहे हैं। हालात यह है कि 175 मदरसों में गिनती के कुछ मदसरों में टीकाकरण हुआ, वहीं मुस्लिम क्षेत्रों में बमुश्किल 20 फीसदी टीकाकरण होने से स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ी है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक अभिभावक टीकाकरण को लेकर जागरूक नहीं हैं।
अभियान के तहत जिले में कुल 408142 बच्चों को टीका लगाया गया। जिसमें मऊ नगर में 26160 बच्चों को टीका लगाया गया। जबकि फतेहपुर मंडाव में 56800, बड़राव में 53882, घोसी में 36507, परदहां में 45786, रतनपुरा में 27985, रानीपुर में 33767, दोहरीघाट में 47998, कोपागंज में 44043 और मुहम्मदाबाद में 34274 बच्चों को टीका लगाया गया।
मुस्लिम इलाकों में टीकाकरण को लेकर नकारात्मक सोच, जागरूकता का अभाव तथा स्कूलों के 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक अवकाश चलते भी टीकाकरण प्रभावी नहीं रहा।
सतीश चंद्र सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी