मऊ। वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग जाम के मामले में पुलिस की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमें को निरस्त करने और चार अधिवक्ताओं के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर अधिवक्ताओं की एक सप्ताह से चल रही हड़ताल मंगलवार को डीएम और एसपी से मिले आश्वासन के चलते एक अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी गई। संघर्ष समिति को मामले में निगरानी करते रहने की सलाह दी गई। बैठक के चलते अधिवक्ता मंगलवार को भी पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहे।
सिविल कोर्ट सेंट्रल बार एसोसिएशन की बैठक मंगलवार को संघ के पुस्तकालय भवन में हुई। इसमें संघर्ष समिति ने उपरोक्त सभी प्रकरणों में जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु और पुलिस अधीक्षक ललित कुमार सिंह से हुई वार्ता और उनके द्वारा मिले आश्वासन के बारे में अधिवक्ताओं को जानकारी दी। बार के अध्यक्ष वीरेंद्र बहादुर पाल ने इस संबंध में अधिवक्ताओं से राय ली। इसके बाद एक अगस्त तक के लिए हड़ताल को स्थगित करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं के मान-सम्मान की रक्षा अवश्य होगी। साथ ही व्यवस्था दिया कि संघर्ष समिति इन सभी प्रकरणों में पुलिस की कार्यप्रणाली की निगरानी करेगी और अपनी रिपोर्ट बार को देगी। इसके बाद एक अगस्त को आम सभा की बैठक होगी, जिसमें मामले में हुई प्रगति के बाबत अधिवक्ताओं को जानकारी दी जाएगी और सभी से राय लेने के बाद ही अग्रिम रणनीति तय होगी। बैठक की अध्यक्षता बार के अध्यक्ष विरेंद्र बहादुर पाल तथा संचालन महामंत्री संजय कुमार त्रिपाठी ने किया। इस मौके पर श्रीकृष्ण सिंह, हरिद्वार राय, अमरनाथ सिंह, देवेंद्र प्रताप सिंह, ओमप्रकाश पांडेय, अनिल राय शर्मा, मान सिंह यादव, अश्वनी सिंह, गोपाल नारायण राय, अरविंद तिवारी, रूपेश पांडेय, फूलबदन यादव आदि अधिवक्ताओं ने अपना विचार व्यक्त किया। बता दें कि चार अधिवक्ताओं के मामले में प्रभावी कार्रवाई न होने से नाराज अधिवक्ताओं ने अपनी मांगों को पूरा करने के लिए नेशनल हाईवे पर चक्का जाम किया। इस मामले में पुलिस ने बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विरेंद्र बहादुर पाल सहित 10 नामजद और 100 अज्ञात अधिवक्ताओं के विरुद्ध सरायलखंसी थाने में मुकदमा दर्ज कराया। जिसको लेकर अधिवक्ता आंदोलित थे।