मऊ। जिले में मंगलवार को काफी गरम दिन रहा। सुबह से ही पड़ रही गर्मी से तापमान में काफी वृद्धि हो गई। दोपहर में 41 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा पहुंचा। देह झुलसा देने वाली गर्मी से लोग बेहाल रहे। दोपहिया वाहन चलाने वालों और टेंपो तथा रिक्शा से सफर करने वालों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। लोग घरों से अपने शरीर को पूरी तरह से ढंक कर निकल रहे थे। पछ़ुवा हवा के साथ चल रही भीषण लू से गेहूं की मड़ाई करने में किसानों को सुविधा हुई। अनुकूल मौसम देखकर किसान मड़ाई कार्य में युद्ध स्तर पर जुट गए। हालांकि अचानक बढ़ी तेज गर्मी को देखते हुए जानकारों का मानना है कि अभी भी मौसम में अचानक बदलाव हो सकता है।
सुबह सूर्योदय के साथ तपन का एहसास होने लगा। ज्यों-ज्यों दिन चढ़ता गया पारा तेजी से चढ़ता गया। दोपहर होते होते पछुवा हवा के साथ ही मानों धरती तवा सी तनने लगी। आसमान से अंगारे बरसने का एहसास लोगों को होने लगा। बाजार में सड़कें वीरान नजर आने लगीं। दोपहिया और तिपहिया वाहनों पर सफर करने वालों को देह झुलसा देने वाली गर्मी ने परेशान कर दिया। इस भीषण गर्मी के चलते दोपहर में छुट्टी होने पर स्कूली बच्चों को काफी गर्मी का सामना करना पड़ा। स्कूली वाहनों पर बच्चों को पसीने से लथपथ देखा गया। भीषण गर्मी के चलते कम गहराई वाले ताल तलैये जलविहीन हो गए हैं। शाम आठ बजे तक जिले में तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम वैज्ञानिक डॉ. सीताराम मिश्र बताया कि अप्रैल महीने में अचानक पड़ रही इस गर्मी में अपेक्षाकृत स्थायीत्व की संभावना कम होती है। इसलिए मौसम में परिवर्तन की संभावनाएं भी रहती हैं। चूंकि इस समय मौसम में काफी चढ़ाव दर्ज किया जा रहा है, यह अचानक हुआ है। इसलिए ऐसी संभावनाएं हैं कि मौसम में बदलाव देखने को मिले। पिछले साल अप्रैल महीने में पड़ने वाली गर्मी के मद्देनजर इस साल के मौसम के बारे में कोई धारणा बनाना उचित नहीं है। मौसम में हर समय होने वाले परिवर्तन इसके कारक हो सकते हैं।