पिपरीडीह। ग्रीष्मावकाश के बाद शिक्षा का नया सत्र शुरू हुए 20 दिन से अधिक हो चुके हैं। परदहां ब्लाक ग्रामीण क्षेत्रों में दर्जनों कान्वेन्ट स्कूल संचालित हैं। इन विद्यालयो में बच्चो को ले आने ले जाने के लिए लगे वाहन परिवहन विभाग के मानकों को पूरे नहीं करते हैं। इन स्कूली वाहनों को चलाने वाले ज्यादातर चालकों के पास ड्राईविंग लाईसेंस तक नहीं है। ज्यादातर वाहन एआरटीओ से अनफिट हैं। इससे हमेशा हादसे का अंदेशा बना रहता है। फिर भी प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। परदहां के ग्रामीण क्षेत्रों में भी बच्चों को बिना रोक टोक के ही ओवरलोड वाहनो में तीस से चालीस बच्चों को बिठाकर अथवा खड़े कराकर ढोए जाते हैं। स्कूली वाहन चालक सड़कों पर पुलिस बूथ और यातायात पुलिस के सामने से मानको की धज्जियां उड़ाते हुए खुलेआम चल रहे हैं। पुलिस प्रशासन तभी जागता है,जब कोई बड़ा हादसा हो जाता है। मानकों को धता बताकर आटो,टैम्पो,तिपहिया मैजिक सहित पुराने वाहनों से स्कूली वाहन छोटे छोटे स्कूली बच्चो को ढोते हैं। इन वाहनों में निर्धारित और स्वीकृत सीटों से काफी अधिक संख्या में बच्चों को ढोया जाता है। यही नहीं, बच्चों को वाहनो के गेट पर भी बैठाकर स्कूल ले जाया जाता है। शहरों में तो कभी कभार अभियान के नाम पर चेकिंग हो भी जाती है परन्तु ग्रामीण इलाकों में कभी भी वाहन चेकिंग नहींहोती है। इस बाबत सीओ पंकज सिंह का कहना है कि समय समय पर अभियान चलाकर स्कूली वाहनों की चेकिंग की जाती है। एआरटीओ की तरफ भी अभियान चलाकर ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।