मधुबन। न हिंदू बनेंगे न मुसलमान बनेंगे,इंसान की औलाद हैं इंसान बनेंगे। इसी तराने के साथ क्षेत्र में स्थित श्रीमती इंदिरा गांधी पीजी कालेज के प्रांगण में बुधवार को ईद मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के सैकड़ों हिंदू मुस्लिम भाइयों ने शिरकत की। साथ ही अपने अपने तरीके से हिंदू मुसलमान के बीच की खाई पाटने और इंसानियत को जीवित रखने का संदेश दिया।
इस अवसर पर जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन दूधनाथ यादव ने कहा कि मजहब नहीं सिखाता हमें आपस मे बैर रखना। हिंदू मुसलमान इस सृष्टि की दो आंखें हैं जिसमे एक भी खराब हो जाने पर उसका दर्द महसूस किया जा सकता है। प्रबंधक और आयोजक राष्ट्रकुंवर सिंह ने कहा कि ईद और दीवाली एक जैसे त्योहार हैं। दोनों त्यौहार हमे खुशियां बांटते हैं। उन्होंने मुस्लिम भाइयों से आह्वान किया कि काश ऐसा होता कि हिंदू अगर ईद मिलन समारोह कराए तो मुस्लिम भी आगे बढ़कर दिवाली व होली जैसे पर्वो पर हिंदू मुस्लिम मिलन समारोह कराता तो समाज बंटने के बजाय दोनों समाज के बीच की खाई पट जाती। पूर्व विधायक अमरेश चंद पांडेय ने कहा कि आज जाति,धर्म, मजहब के नाम पर लोगों को बांटकर जो खेल खेला जा रहा है यह समाज के लिये घातक है।
समारोह को मधुसूदन पांडेय,योगेंद्र सिंह,अष्टभुजा शाही,बशीर उस्मानी आदि ने संबोधित किया।इसके पहले शायर मयकस आजमी ने जहां इंसानियत होती है वही ईद और दीवाली होती है।दूसरे शायर ने मंदिर मस्जिद भले अलग होई एक है इंसान। बशर उस्मानी ने मजहब नही सिखाता आपस में बैर रखना के अलावा विपिन बिहारी पाठक व अशोक सिंह ने भी अपने गीतों से एकता का संदेश दिया। मोहम्मद खालिद, शुभम सिंह,प्रमोद रंजन सिंह,प्रमोद शर्मा,मुन्नू यादव,ओबैदुल्लाह,हेमन्त यादव,वकार अहमद,उधम सिंह, आशिष सिंह,अमित मिश्रा,शीबा खातून,रुखसाना खातून,तबस्सुम सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे।