फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मदरसों के शिक्षकों का वेतन रोका

विज्ञापन
विज्ञापन
मऊ। शासन के निर्देश पर जिले के 38 अनुदानित मदरसों की जांच मई में कराई गई थी। इनमें से तीन मदरसों में कुछ कमियां पाए जाने पर शासन ने इनके प्रधानाचार्यों, शिक्षकों और कर्मचारियों का वेतन रोक दिया है। शासन की इस कार्रवाई से मदरसा संचालकों में हड़कंप की स्थिति है। शासन ने जिले के सभी अनुदानित मदरसों की स्थलीय जांच कराया था। जांच समिति में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी विजय प्रताप यादव , जिला विद्यालय निरीक्षक विनोद कुमार राय और संबंधित तहसीलों के उपजिलाधिकारी ने मदरसों की जांच किया।
विज्ञापन

जांच समिति ने मदरसों के शिक्षण कक्षों के आकार , पुस्तकालय , कार्यालय , छात्र संख्या और शिक्षकों की नियुक्ति संबंधी विस्त़ृत जांच करके मई में अपनी रिपोर्ट शासन को भेजा था। कुल 38 मदरसों की जांच समिति ने की थी। दो दिन पूर्व शासन से इनमें 35 मदरसों के प्रधानाचार्य , शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन के लिएबजट भेजा। जब कि तीन मदरसों का वेतन नहीं दिया गया है। जिन मदरसों का वेतन रोका गया है, उनमें से मदरसा जियाउल ओलूम गोंठा , मदरसा अरबिया जियाउल उलूम कुर्थीजाफर पुर और मदरसा दारुल कुरान दोस्तपुरा, कोपागंज हैं। जांच समिति ने मौके पर मिली वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट शासन को भेज दी थी। भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार इन मदरसों में कमरों के आकार मानक के अनुरूप नहीं पाए गए थे। शासन ने पूरे प्रदेश के 558 अनुदानित मदरसों की जांच कराया था। इनमें केवल 302 मदरसों को ही वेतन बजट जारी किया गया है। जबकि 256 मदरसों के वेतन रोके गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें