मऊ। बरसात के दिनों में अक्सर पानी बहाने को लेकर गांवों में विवाद उत्पन्न हो जाता है। इस वर्ष मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक अच्छी बारिश की संभावना है। ऐसे स्थिति में जाम नाले और बजबजाती नालियों से विवाद खड़ा होने की आशंका है। जिला और तहसील प्रशासन ने भी इस तरफ कोई काम नहीं किया है। नगरपालिका का दावा है कि 17 नालों का ही टेंडर किया गया, लेकिन काम अभी तक शुरू नहीं हो सका है।
मऊनाथ भंजन नगरपालिका में पहले 36 वार्ड थे। लेकिन नए परिसीमन में वार्डों की संख्या 42 हो गए हैं। बारिश का मौसम शुरू हो गया है, लेकिन अभी तक सार्वजनिक नालियों तथा नालों की सफाई का कार्य पूरा नहीं किया जा सका है। नगरपालिका प्रशासन के अनुसार 17 नालों की सफाई का काम चल रहा है। हालत यह है कि बरसात होने की स्थिति में सईदी रोड, ख्वाजाजहांपुर, भीटी, मुंशीपुरा, निजामुद्दीनपुरा, संस्कृत पाठशाला, मुंशीपुरा, रघुनाथपुरा, बहादुरगंज रोड, दक्षिणटोला महरनिया सहित विभिन्न वार्डों में लोगों को जलजमाव की समस्या से जूझना पड़ सकता है। नालों की साफ सफाई का कार्य पूरा न होने से सार्वजनिक नालियों के जाम रहने से गंदा पानी गलियों में इधर उधर बह रहा है। इससे लोगों को नारकीय जीवन जीना पड़ रहा है। इस बाबत नगरपालिका चेयरमैन शाहीना अरशद जमाल का कहना है कि 17 नालों की सफाई का कार्य पांच दिनों में पूरा कर लिया जाएगा। बताते चले जिले में बरसात का पानी बहाने को लेकर अक्सर विवाद होता है। खासतौर से गांवों में ज्यादा विवाद होता है।