अगले पांच साल में प्रधानमंत्री आवास का लाभ देने के लिए सर्वे शुरू हो गया है। सभी नौ ब्लॉकों की ग्राम पंचायतों में सर्वे के लिए 150 टीमें गठित की गई हैं। जो घर घर जाकर पात्र अपात्रों की छंटनी कर रही हैं। नए सर्वे के आधार पर 2028-29 तक आवास आवंटित किए जाएंगे। वर्ष 2024-25 में 75 पात्रों को आवास मिलेगा। ये वर्ष 2018 में टीम द्वारा की गई सर्वे की सूची है।
पात्रों के नियमों की जानकारी देने के लिए सभी ग्राम पंचायतों में बैठक की गई और योजना में पात्र अपात्र में अंतर की जानकारी दी जा चुकी है। इस बैठक को प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण लाभार्थी चयन-2024 नाम दिया गया है। ग्राम पंचायत सचिवों द्वारा पंचायत भवन में एक रजिस्टर रखा जाएगा, जिसमें पात्रों का नाम पता और जरूरी दस्तावेज दर्ज होंगे। सर्वे पूरा होने के बाद विभाग को आवास आवंटित करने का लक्ष्य मिलेगा। इस योजना की शुरुआत वर्ष 2016 में हुई थी। अब तक जिले के 38203 पात्रों को प्रधानमंत्री आवास दिया जा चुका है। इस योजना का लाभ शासन द्वारा जारी मानक को पूरा करने वाला ही ले सकता है। इस योजना के लिए वही पात्र है जिसके पास रहने के लिए घर नहीं है, कच्चे मकान में रहने वाले परिवार, बेसहारा और भीक्षाटन करके जीवन यापन करने वाला परिवार, आदिम जनजाति समूह, वैधानिक रूप से मुक्त कराए गए बंधुआ मजदूर। अपात्रता के मानक में तीन पहिया और चार पहिया वाहन, कृषि उपकरण, 50 हजार या इससे अधिक ऋण वाला किसान क्रेडिट कार्डधारक, परिवार का सदस्य सरकारी कर्मचारी हो, कोई सदस्य गैर कृषि उद्यम में सरकार के साथ पंजीकृत हो।
सर्वे के लिए 150 टीमों का गठन हुआ है, जो घर घर जाकर पात्रों की सूची तैयार करेंगी। प्रधानमंत्री आवास के लिए किसी तरह का आवेदन नहीं लिया जा रहा है। यदि कोई दरवाजे पर जाकर आवेदन के लिए या आवास दिलाने के लिए किसी तरह का शुल्क मांगता है तो तत्काल उसकी शिकायत करें। सर्वे के समय छूटे हुए लोग खंड विकास अधिकारी, सीडीओ कार्यालय, जिलाधिकारी के यहां पत्रक देकर नाम जुड़वा सकते हैं। - रामबाबू त्रिपाठी, परियोजना अधिकारी, मऊ