यदि आगामी दिनों में आपका बैंक से जुड़ा कोई महत्वपूर्ण कार्य लंबित है, तो उसे समय रहते पूरा कर लें। भारतीय स्टेट बैंक और यूनियन बैंक समेत देश के प्रमुख बैंकों द्वारा परामर्श जारी कर ग्राहकों को सतर्क किया गया है। पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मांग को लेकर बैंक अधिकारी और कर्मचारियों का 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल प्रस्तावित है। विभिन्न बैंकों की 150 शाखाओं के लगभग 1,000 अधिकारी और कर्मचारी इस तीन दिवसीय हड़ताल में हिस्सा ले रहे हैं।
हड़ताल के ठीक एक दिन पहले चौथा शनिवार और एक दिन बाद गांधी जयंती के कारण सार्वजनिक अवकाश होने के कारण बैंकों में कामकाज ठप रहेगा। इस दौरान जिले की 150 बैंक शाखाओं में ताले लटके रहेंगे, जिससे लेन-देन पर सीधा असर पड़ने की आशंका है। हालांकि, उपभोक्ताओं को कम असुविधा हो, इसके लिए बैंक प्रबंधन और उच्चाधिकारियों ने अग्रिम तैयारियां कर ली हैं, इसके तहत रविवार 27 सितंबर को बैंक खोलने का निर्णय लिया गया है।
वैकल्पिक व्यवस्था के तहत शाखाएं बंद रहने के दौरान लोगों की सहूलियत के लिए जिले में संचालित बैंक मित्रों के 1,000 बीसी (बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट) पॉइंट्स खुले रहेंगे। ग्राहक इन सेंटर के माध्यम से वित्तीय लेन-देन कर सकेंगे। बैंक प्रबंधन द्वारा इन सभी बीसी सेंटर पर पर्याप्त नकदी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों के अनुसार, उपभोक्ता इन बीसी सेंटर से एक दिन में अधिकतम 25,000 रुपये की निकासी कर सकते हैं और 49,000 रुपये तक की राशि जमा करा सकते हैं। हड़ताल और छुट्टियों के दौरान नकद निकासी की मांग को पूरा करने के लिए जिले भर के सभी एटीएम को पहले से ही पूरी तरह से कैश से भर दिया जाएगा। इसके अलावा डिजिटल बैंकिंग और ऑनलाइन ट्रांसफर सेवाएं चालू रहेंगी। इस बंदी का सबसे गंभीर असर उन कारोबारियों पर पड़ेगा जिनका रोजाना का नकद लेनदेन होता है। विशेष रूप से पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी और बड़े किराना व्यापारियों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
वर्ष 2022 से लंबित है पांच दिवसीय बैंकिंग की मांग
बैक कर्मचारियों के हित में काम करने वाले संगठन अरेबिया मऊ इकाई के जिलाध्यक्ष सुधीर पांडेय ने बताया कि पांच दिवसीय बैंकिंग सेवा सहित सभी मांगें वर्ष 2022 से लंबित हैं। तब सरकार बैंक ट्रेड यूनियनों और डीएफएस के बीच हुई बातचीत में सप्ताह में पांच दिन काम, पीएलआई के तहत प्रोत्साहन और पुरानी पेंशन योजना लागू करने पर आश्वासन मिला था। मार्च 2024 में हुए समझौते पर सहमति बन गई थी लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं हो सका। इसके विरोध में बैंककर्मियों ने दोबारा हड़ताल का रास्ता चुना है।
तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल, एक दिन पहले और बाद में सार्वजनिक छुट्टी को देखते हुए रविवार 27 सितंबर को सभी बैंक खुले रहेंगे। सभी एटीएम में नकदी भरी जाएगी। 1000 बीसी को पूर्ण रूप से संचालित करने के लिए बात कर ली गई है। इस दौरान डिजिटल सेवाएं चालू रहेंगी। इसके साथ ही कर्मचारियों से कुछ रूटीन का काम कराने का प्रयास किया जाएगा। - पवन मिश्र, एलडीएम, मऊ।