मऊ। घोसी कोतवाली क्षेत्र के कल्यानपुर गांव के पास शनिवार की शाम पांच बजे काशी डिपो की एक बस खराब हो गई। यात्रियों को दूसरे साधन का सहारा लेना पड़ा, जिससे उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। रोडवेज बसों के खराब होने का सिलसिला नहीं थमने से यात्री प्राइवेट वाहनों से सफर करने लगे हैं, जिससे सरकार को काफी क्षति हो रही हैै।जनपद से होकर गुजरने वाली सरकारी बसों के खराब होने का सिलसिला जारी हैैै। खटारा बसें कहीं भी खड़ी हो जा रही हैै, जिससे यात्रियों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा हैै। यात्रियों के बार-बार शिकायत करने के बाद भी बसों की मरम्मत नहीं हो रही हैै, ऐसे में यात्री रोडवेज बसों से यात्रा करने में कतराने लगे हैं। शनिवार को शाम वाराणसी से गोरखपुर जा रही काशी डिपो की बस क्रमांक यूपी 65 सीटी 1180 खराब हो गई। करीब एक घंटे तक चालक, परिचालक ने बस ठीक करने के लिए पसीना बहया, लेकिन सफल नहीं हुए। उधर सर्दी के चलते यात्री वाहनों का इंतजार करते रहे। विवश होकर यात्रियों को दूसरे साधन से गंतव्य के लिए रवाना होना पड़ा। दिनेश सिंह, बबलू, राजू, अजय, दिवाकर आदि यात्रियों का कहना रहा कि अधिकांश रोडवेज की बसें खराब हो गई है। दिन हो या रात बसे कहीं खराब होकर खड़ी हो जा रही हैै। सबसे ज्यादा परेशानी यात्रियों को बीच रास्ते में बसों के खराब होने से हो रही है।