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गुलाबी ठंड़ पड़ते ही सजने लगी कंबल रजाई की दुकानें

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मझवारा। हल्की ठंड बढ़ते ही क्षेत्र के विभिन्न इलाकों के बाजारों में रूई, रजाई, कंबल से लेकर गर्म कपड़ों की बिक्री बढ़ गई है। गर्म कपड़ों के दाम में आई तेजी से हर तबका प्रभावित है।
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ठंड का मौसम शुरू होते ही क्षेत्र के मझवारा, इंदारा, अदरी बाजार सहित विभिन्न बाजारों में रूई, रजाई, कंबल से लेकर गर्म कपड़ों की दुकानें सज गई हैं। दुकानों पर बिक रहे महंगे गर्म कपड़ों की अपेक्षा फुटपाथ पर लगी दुकानों पर खरीदारों की ज्यादा भीड़ लग रही है। कई दिनों से सुबह शाम की गुलाबी सर्दी पड़ने लगी है। इसके चलते रजाई-गद्दों की भराई का काम शुरू हो गया है। ऊन विक्रेता संजय, शिवकुमार ने बताया कि महंगाई के कारण ऊन के दाम भी पिछले वर्ष सापेक्ष 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ा है। रूई विक्रेता ईशा अहमद ने बताया कि महंगाई के चलते इस बार पुरानी रूई 110 से 120 रुपया और नई रूई गांधी आश्रम की 190 रुपया, सामान्य रूई 150, टेरिकाट 90 से 100 रुपया प्रति किलो बिक रही है। इसकी धुनाई तथा भराई 10 से 15 रुपया प्रति किलो चल रही है। रजाई की मजदूरी 200 रुपये है। रूई खरीद रहे अमरजीत यादव, अभिषेक यादव, प्रफुल्ल राय का कहना था कि रुई तथा गर्म कपड़ों का रेट बढ़ने से खरीदना मुश्किल हो रहा है। इस वर्ष रजाई 1500 रुपया की पड़ रही है।
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