मऊ। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के तत्वावधान मेें लेखपालों ने आठवें दिन कलेक्ट्रेट परिसर में धरना प्रदर्शन किया। लेखपाल संघ ने हड़ताल को 41 संवर्गों के कर्मचारियों के समर्थन मिलने का दावा किया।
धरने को संबोधित करते हुए कनिष्ठ उपाध्यक्ष राहुल ने कहा कि शासन द्वारा हमारी मांगों को संस्तुति न देकर संवर्ग के साथियों के विरुद्ध निलंबन तथा एफआईआर दर्ज कराने संबंधी दमनात्मक कार्यवाही कर रही है। शासन की दमनात्मक कार्यवाही से संघ का मनोबल घटने के बजाय बढ़ा है। शासन द्वारा जब तक आठ सूत्री मांगों का शासनादेश जारी नहीं होगा तब तक आंदोलन जारी रहेगा। विवेक कुमार राय ने कहा कि शासन प्रशासन की तरफ से मांगों को मानने के बजाय अड़ियल रवैया अपनाया जा रहा है। प्रशासनिक कार्यवाही के बाद भी लेखपाल अपनी मांगों को मनवाकर ही दम लेंगे। कहा कि सरकार के बार-बार आश्वासन के बाद भी वेतन उच्चीकरण, एसीपी विसंगति, पेंशन विसंगति आदि में कोई सुधार नहीं हुआ है। साथ ही ई गवर्ने:ंस, डिजिटल इंडिया को क्रियान्वित करने के लिए लैपटॉप तथा स्मार्ट फोन जैसी सुविधाओं का अभाव है। इससे कार्य प्रभावित हो रहा है। जब तक मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा आंदोलन जारी रहेगा। धरने को जयप्रकाश यादव, मुन्ना लाल, धीरज कुमार सिंह, बाबूराम मौर्य, दिनेश यादव, सीताराम यादव, धनंजय प्रसाद, उदयभान यादव, पारसनाथ, विजेंद्र प्रताप सिंह, खेदारू राम यादव आदि ने संबोधित किया।
अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पर धरना दे रहे लेखपालों के विरुद्ध शहर कोतवाली में गुरुवार को मुकदमा दर्ज कराया गया। जिलाधिकारी के निर्देश पर लेखपाल संघ के जनपदीय और तहसील स्तरीय सभी पदाधिकारियों सहित सभी लेखपालों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की गई है। उधर लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष पारस नाथ पासी और मंत्री उदयभान यादव का कहना है कि चाहे शासन और प्रशासन कोई भी दमनात्मक कार्रवाई कर ले, लेखपाल पीछे हटने वाले नहीं हैं। प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर हमारी हड़ताल मांगे पूरी होने तक जारी रहेगी। कहा कि लेखपालों का मनोबल तोड़ने के लिए प्रशासन यह कार्रवाई कर रहा है लेकिन सभी लेखपालों के हौसले बुलंद हैं।