मऊ। जनपद में क्षेत्र पंचायतों को विकास कार्यों के लिए दिसंबर 2016 के बाद कोई बजट न देने से नाराज ब्लाक प्रमुखों ने क्षेत्र पंचायत सदस्यों के साथ मंगलवार को ब्लाक मुख्यालयों पर तालाबंदी करके धरना प्रदर्शन किया। प्रमुखों के इस विरोध प्रदर्शन और तालाबंदी के चलते ब्लाकों में कोई अन्य विभागीय कामकाज नहीं हो सका। प्रदर्शन कर रहे प्रमुखों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों से कोई जिम्मेदार अधिकारी बातचीत करने नहीं आया। विरोध प्रदर्शन करने वालों ने अनिश्चितकालीन धरना और फिर बेमियादी अनशन की चेतावनी दी।
धरना स्थल पर प्रमुखों ने जिला प्रशासन द्वारा क्षेत्र पंचायतों के बजट रोके जाने की जमकर आलोचना की और कहा कि प्रदेश के किसी भी जिले में ऐसा नहीं किया गया है। सिर्फ मऊ जनपद में जिलाधिकारी की ओर से क्षेत्र पंचायत के बजट पर रोक लगाई गई है। इससे क्षेत्रों में विकास कार्य ठप पड़े हैं।
घोसी संवाददाता के अनुसार, ब्लाक प्रमुख संघ के जिलाध्यक्ष सुजीत सिंह के नेतृत्व में बीडीसी, प्रधानों ने क्षेत्र पंचायत को मनरेगा में कार्य स्वीकृति न मिलने के विरोध में तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन किया। विकास कार्य को लेकर सभी प्रमुखों ने जिलाधिकारी को अवगत कराकर कहा था कि स्वीकृति न दिए जाने पर नौ जुलाई को सभी प्रमुख, बीडीसी, प्रधान आदि ब्लाक कार्यालय पर धरना प्रदर्शन करेंगे। इस अवसर पर दयाशंकर सिंह, राजेंद्र पांडेय, रामभवन चौहान, महेंद्र यादव, वसी अहमद आदि रहे।
बोझी बाजार संवाददाता के अनुसार, बड़रांव ब्लाक कार्यालय पर प्रमुख और बीडीसी ने नारेबाजी करते हुए तालाबंदी कर धरना दिया। आंदोलन का नेतृत्व ब्लाक प्रमुख के प्रतिनिधि विद्युत प्रकाश यादव ने किया। इस मौके पर यशवंत सिंह, विनय चौहान, संतोष, रामगोपाल, बृजेश निषाद, बेचई यादव आदि रहे।
मधुबन संवाददाता के अनुसार, ब्लाक प्रमुख के प्रतिनिधि चंद्रमणि यादव अपने समर्थकों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों के साथ ब्लाक के गेट पर ताला जड़कर धरना प्रदर्शन पर बैठ गए। कहा कि जब तक हमें विकास कार्यों के लिए धन नहीं दिया जाएगा, आंदोलन अनिश्चितकाल तक चलेगा। उप जिलाधिकारी निरंकार सिंह ने प्रदर्शनकारी जनप्रतिनिधियों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वार्ता असफल रही। इस मौके पर रामायन यादव, ममता चंद्रा, गुड़िया खातून, सप्पन कन्नौजिया, सुधीरकांत शुक्ला, नीरज यादव आदि रहे।
रानीपुर संवाददाता के अनुसार, ब्लाक मुख्यालय पर तालाबंदी करके प्रमुख प्रतिनिधि अरुण सिंह के नेतृत्व में काफी संख्या में बीडीसी धरने पर बैठ गए। अरुण सिंह ने कहा कि दिसंबर 2016 में क्षेत्र पंचायत को आखिरी बार केवल दो करोड़ रुपयों की वित्तीय स्वीकृति मिली थी। उन्होंने चेतावनी दी कि जिला प्रशासन यदि अपने हठ पर कायम रहता है तो धरना प्रदर्शन अनिश्चितकालीन चलेगा। धरना में अजीत यादव, अवधेश, अखिलेश, मिठाई सिंह, बजरंगी सिंह आदि रहे। इसी प्रकार, मुहम्मदाबाद गोहना, दोहरीघाट, कोपागंज सहित सभी ब्लाक मुख्यालयों पर तालाबंदी कर प्रमुखों और बीडीसी ने विरोध प्रदर्शन किया।