अमर शहीद कुवंर मुन्नी सिंह तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की स्मृति में क्षेत्र के तिघरा गांव में स्थित मां भगवती मां भागेश्वरी मंदिर के प्रागंण में चल रही श्रीराम कथा में मंगलवार को कथावाचक रमेश भाई शुक्ल ने अरण्य कांड की कथा सुनाते हुए कहा कि जटायु ने एक नारी की इज्जत बचाने के लिए अपने को शहीद कर दिया और परम धाम की यात्रा की। अगर भारत का हर युवा यह संकल्प कर ले कि मैं जटायु बनूगां तो हमारे बहन की तरफ से कोई राक्षस आंख उठा कर देखेगा मैं उसकी आंखे नोच दूंगा तो हिंदुस्तान की हर बहन सुरक्षित हो सकती है। कहा कि राम और सुग्रीव की मैत्री हनुमान जी के माध्यम से हुई। राम ब्रह्म हैं, सुग्रीव जीव हैं। हनुमान संत हैं सदगुरु हैं ब्रह्म और जीव की मैत्री किसी हनुमंत तत्व के माध्यम से ही हो सकती है। इस अवसर परराम आश्रय सिंह, अमरेश चंद पांडेय पूर्व विधायक, विजय शंकर सिंहं जनार्दन शुक्ल, चंद्रकिशोर पांडेय, राम नायन सिंह आदि शामिल रहे।