मऊ। पुलिस परिवार परामर्श केंद्र की बैठक रविवार को पुलिस लाइंस स्थित महिला थाने में हुई। इसमें कुल 37 पारिवारिक मामले आए जिसमें परामर्श केंद्र के सदस्यों के प्रयास से 16 मामलों का निस्तारण हुआ। जिसमें सात जोड़ो से अपने सभी मतभेद भुलाकर साथ-साथ रहने को तैयार हो गए। वही एक मामले में पिता पुत्र के बीच चल रहे विवाद का भी निस्तारण हुआ। परामर्श केंद्र के सदस्यों के प्रयास से 16 परिवारों के बीच रिश्तों में आई खटास दूर हो गई। व्जिससे उनके परिवारों में एक बार फिर खुशिया लौट आई। शेष मामलों में बैठक की अगली तिथि 17 दिसंबर 2017 नियत कर पक्षकारों को नोटिस भेजे जाने का निर्देश दिया गया।परामर्श केंद्र के सदस्यों के प्रयास से अनुज और सुमन, विभा सिंह और दीपक सिंह, सरिता और शिवकुमार , शैलेश और बविता, प्रियंका और अशोक, शहनाज बेगम और निजामुद्दीन,कृपा और देवेंद्र ने अपने मतभेद भुलाकर साथ साथ रहने को तैयार हो गए। वही अयोध्या और नितेश आदि पिता पुत्र के बीच चल रहे विवाद को भी हल करा दिया गया। आठ मामलों में पक्षकारो के बीच सुलह हो जाने से 16 परिवारों के बीच टूट रहे रिश्ते जुड गए जिससे उनकी खुशिया एक बार फिर लौट आई। वही लक्ष्मीना और जयनाथ, कौशल्या और अरविंद, शकीला खातून और अशफाक, हेमंती और गब्बर, पुष्पा और योगेंद्र, बुचिया और मोहन,गुड्डी और शिवशंकर तथा पूजा और राकेश के मामले में पक्षकरों के लगातार अनुपस्थिति और कोर्ट में मामला विचाराधीन होने के चलते पत्रावली निस्तारित कर दी गई। इस दौरान पांच मामलों में पक्षकारों ने सुलह के लिए समय की मांग किया, तथा पांच मामलों में एक-एक पक्षकार उपस्थित हुए और छह मामलों में कोई पक्षकार उपस्थित नहीं हुआ। जिसके चलते बैठक की अगली तिथि 17 दिसंबर 2017 नियत कर पक्षकारों को नोटिस भेजे जाने का निर्देश दिया गया। बैठक में परामर्श केंद्र के सदस्यगण सर्वेश दूबे, अर्चना उपाध्याय, विनोद कुमार सिंह, रत्नेश पांडेय, डा. एमए खान, मौलवी अरसद के अलावा महिला एसओ अनिता सिंह, दीवान चंदा सिंह, महिला आरक्षी प्रमिला पटेल, पुष्पा गुप्ता ने योगदान दिया। इस मौके पर काफी संख्या में पक्षकार और उनके परिजन उपस्थित रहे।