फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जीएसटी रिटर्न तीन माह के अंतराल में भरने की दी जाए अनुमति

विज्ञापन
विज्ञापन
मऊ। सीमेंट कंक्रीट से बनने वाले प्रोड्क्ट्स पर 28 प्रतिशत जीएसटी लाद दिए जाने से चौखट यूनिटें बंद होने के कगार पर पहुंच गई हैं। शिकायत के बाद सुनवाई न होने से परेशान लघु उद्योग भारती के तत्वावधान में पूर्वांचल के उद्यमियों का प्रतिनिधिमंडल गोरखपुर दौरे पर आए केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री शिवप्रताप शुक्ला से मिलकर ज्ञापन सौंपा। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री से मिले आश्वासन के बाद उद्यमियों ने सोमवार को औद्योगिक आस्थान स्थित संगठन के कार्यालय पर बैठक कर रणनीति तय की।
विज्ञापन

इस मौके पर लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष भरत कुमार ठरड ने कहा कि
सीमेंट कंक्रीट से चौखट, चौकी, डेस्क बेंच तथा बेंच बनाने वाली पूर्वांचल में 200 यूनिटें संचालित हैं। सरकार की तरफ से मनमाने तरीके से जीएसटी लाद दिए जाने से यूनिटों का संचालन मुश्किल हो रहा है। 28 प्रतिशत कर की स्लैब को समाप्त कर 5, 10, 15 प्रतिशत जीएसटी कर की स्लैब को लागू किया जाए। लघु उद्योग भारती मऊ के मंत्री बालकृष्ण ठरड ने कहा कि पूरा समय केवल कागजों को तैयार करने एवं प्रतिमाह तीन रिटर्न फाइल्ड करने में व्यतीत हो रहा है। उत्पादन कम होकर 25 प्रतिशत के आस-पास रह गया है। जीएसटी पोर्टल पर संशोधन का ऑपशन एक्टीवेट किया जाए। भवानी शंकर ने कहा कि कंपोजिट स्कीम की सीमा को 75 लाख से बढ़ाकर दो करोड़ रुपये किया जाए। सौरभ मद्धेशिया ने कहा कि एक जुलाई 2017 से 28 प्रतिशत जीएसटी लगा दिया गया है। यह उत्पाद विलासिता की वस्तु में नहीं आता है, बल्कि बिजली एवं भारी मशीनों का प्रयोग न होने से गांव कस्बो में फैल रहा यह उद्योग रोजगार सृजन का महत्वपूर्ण साधन है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में सीमेंट की चौखट के उत्पादन एवं प्रयोग से लगभग एक लाख 25 हजार पेड़ प्रति वर्ष कटने से बच रहे है। इस पर जीएसटी शून्य या पांच प्रतिशत किया जाए। कहा कि केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री ने मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया है। इस दौरान श्रीराम सिंह, प्रमोद परासर, आजाद यादव आदि उद्यमी शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें