मऊ में परिवहन विभाग ने अभियान चलाकर जुलाई से अक्तूबर तक अनफिट वाहनों पर कार्रवाई की थी, लेकिन अब भी 140 अनफिट वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं। जबकि कार्रवाई के दौरान इन्हें ब्लैक लिस्ट किया गया था, इनमें 99 स्कूली बसें शामिल थीं।
अगस्त में ये संख्या अधिक थी, लेकिन कुछ स्कूल संचालकों ने आवेदन देकर फिटनेस कराई थी। इन सभी वाहनों की सूची संबंधित थानों पर भेजी गई थी, लेकिन अब तक किसी भी थानों से किसी भी वाहन के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। जबकि यही वाहन रोजाना नौनिहालों को घर से स्कूल पहुंचाते नजर आते हैं। लगातार स्कूली और निजी वाहनों पर कार्रवाई के बाद भी ग्रामीण अंचलों में नौनिहालों को ऑटो और ई-रिक्शा से ढोया जा रहा है। सात सीटर मैजिक और पांच सीटर ऑटो में 12 से 15 बच्चों को भरकर स्कूल लाया ले जाया जाता है।
हादसों पर नजर डालें तो आठ दिसंबर 2023 की सुबह फतहपुर मंडाव में स्कूली बस सड़क किनारे पलट गई थी। हादसे में 26 छात्र घायल हुए थे।
ग्रामीणों ने बस की खिड़की तोड़कर घायल बच्चों को बाहर निकाला था। इसी तरह चार माह पहले छात्रों को घर छोड़ने जा रही स्कूली बस घोसी के कल्याणपुर में वाराणसी गोरखपुर फोरलेन पर डिवाइडर से टकराकर उछल गई थी। जिसमें सवार कई छात्र घायल हो गए थे।