राज्य खाद्य आयोग की टीम ने बुधवार को जिले का दौरा किया। टीम ने सदर तहसील की विपणन शाखा के गोदाम, कोपागंज ब्लाक के खालिसपुर गांव के कोटेदार की दुकान और परिषदीय प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। इन स्थानों पर टीम को भारी अनियमितताएं मिलीं। आयोग इसकी रिपोर्ट शासन को भेजेगा। निरीक्षण के बाद इसकी जानकारी आयोग के अध्यक्ष नंदकिशोर यादव ने शहर में स्थित एक होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में दी।
बताया कि उनके नेतृत्व में आयोग की चार सदस्यीय टीम सबसे पहले विपणन शाखा के गोदाम पर पहुंची। वहां पर सदस्यों ने गोदाम में रखे गए खाद्यान्न और उसके वितरण आदि के बारे में जानकारी मांगी। वहां कार्यरत कर्मचारी ने सदस्यों को बताया कि यहां पर कुछ भी रेकार्ड नहीं है। सदस्यों ने कहा कि यहां पर सरकार ने कंप्यूटर सहित सारी सुविधाएं सुलभ कराई हैं तो फिर रेकार्ड क्यों नहीं है। अध्यक्ष ने एआरएम को फटकार लगाते हुए स्पष्टीकरण देने को कहा।
इसके बाद टीम खालिसपुर गांव पहुंची। कोटेदार की दुकान का रेकार्ड चेक किया। वितरण रजिस्टर में काफी कम लोगों के हस्ताक्षर थे। जबकि अधिकांश के अंगूठों के निशान थे और ऐसा प्रतीत हो रहा था कि सभी एक ही व्यक्ति ने लगाए हैं। वितरण रजिस्टर पर किसी पर्यवेक्षक के द्वारा खाद्यान्न का सत्यापन नहीं किया गया पाया गया। पात्रों की शिकायत थी कि अंगूठा मैच नहीं करता और काफी लोगों के आधार नंबर गलत लिंक कर दिए गए हैं।
गांव में तैनात एएनएम के पास बच्चों को लगाने वाले टीके ही नहीं उपलब्ध थे। टीम के सदस्य डा. इस्माइल खान के पूछने पर एएनएम किसी भी इंजेक्शन का नाम नहीं बता सके। टीम ने इसके लिए डीएसओ, बीएसए, सीएमओ और एसडीएम को सुधार लाने को कहा। टीम में अध्यक्ष नंद किशोर यादव के साथ दिनेश चंद मिश्र, डा. इस्माइल खान और सरोज प्रसाद आदि शामिल रहे।