बढुआ गोदाम। परदहां ब्लाक के बहरीपुर गांव स्थित सिंधी बाबा की कुटी प्रांगण में चल रही पांच दिवसीय रामलीला के पहले दिन कलाकारों ने धनुष यज्ञ की लीला का मंचन किया।
मंचन में भगवान ब्रह्मा के कठोर तप के बाद जब रावण को वरदान मिलने के बाद वह अहंकारी हो जाता है। रावण के अत्याचार से पूरी पृृथ्वी त्राहि-त्राहि मचती है, इसी बीच उसके पाप का नाश करने के लिए भगवान राम के रूप में जन्म लेते है। इस दौरान कलाकारों द्वारा भगवान राम के अयोध्या में जन्म और शिक्षा ग्रहण करने के बाद घर वापसी के दृष्य का मंचन किया। इसके बाद मुनि विश्वामित्र अयोध्या पहुंचकर राजा दशरथ से रक्षा की गुहार करते भगवान श्रीराम और लक्ष्मण को राक्षसों के वध के लिए वन भेजने की बात कहते है। जहां लोगों के हित को देखते हुए दशरथ राम और लक्ष्मण को विश्वामित्र के साथ वन भेज देते है। जहां वन में पहुंचकर राम लक्ष्मण ने मुनि के साथ जाकर राक्षसों का संहार किया। इस मौके पर दुर्गा पांडेय, पारस सिंह, शिवधनी सिंह, ब्रह्मशंकर, उदयनारायण सिंह, मनोज सिंह आदि मौजूद रहे।