ब्राह्मण विकास परिषद के तत्वावधान में नगर के जीवन राम इंटर कालेज के सभागार में रविवार को तुलसी जयंती का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर संगठन के अध्यक्ष रमाकांत पांडेय ने कहा कि रामचरित मानस हिंदी ही नहीं विश्वसाहित्य का गौरव ग्रंथ है। मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि रामचरित मानस रामभक्ति का काव्य है। रामचरित का काव्य नहीं है। डॉ. सर्वेश पांडेय, जय नारायण द्विवेदी ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास का रामचरित मानस एक पवित्र सरोवर है। अंत में दो मिनट का मौन रखकर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। बैठक में पंकज उपाध्याय, अजय तिवारी, शशिकांत, जयप्रकाश मिश्र, अवधेश तिवारी, शेषमणि त्रिपाठी, ऋषिकेश पांडेय आदि शामिल रहे।