मऊ। जिले में आयुष मेडिकल कालेज खोले जाने का जनपदवासियों का सपना साकार होगा। मेडिकल कालेज के प्रोजेक्ट के मूर्त रुप लेने से मऊ जनपद ही नहीं आसपास के जिले के लोगों को भी लाभ मिलेगा। एक पत्र का संज्ञान लेकर शासन ने जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी ने भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेजा है।
जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है। जनपद में लंबे समय से मेडिकल कालेज खोले जाने की मांग उठती रही है। लेकिन प्रदेश तथा केंद्रीय बजट में निराशा ही हाथ लगती रही है। कोपागंज ब्लाक क्षेत्र के शहरोज निवासी राघवेंद्र राय शर्मा ने आयुष मेडिकल कालेज खोले जाने के मामले में उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा को पत्र लिखा। पत्र में लिखा गया था कि इन चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा दिया जाए तो लोगों को सस्ती स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जा सकेगी। शासन ने मामले को संज्ञान में लेते हुए निदेशक यूनानी सेवाएं उत्तर प्रदेश ने क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अधिकारी से रिपोर्ट मांगी। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी ने 50 बेड के लिए 10 एकड़ और 100 बेड के लिए 15 एकड़ भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेजा है। जमीन उपलब्ध होने के बाद आयुष मेडिकल कालेज के खोलने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। आयुष मेडिकल खुलने से आजमगढ़ गाजीपुर ,बलिया ,गोरखपुर जिले के लोगों को इसका फायदा मिलेगा। इससे प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धति को पुन: अपनाने की प्रेरणा मिलेगी। इस बाबत क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. शमसुद्दीन अंसारी का कहना है कि आयुष मेडिकल कालेज के लिए 50 बेड के लिए 10 एकड़ और 100 बेड के लिए 15 एकड़ भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेजा गया है। जमीन उपलब्ध होने पर अगली प्रक्रिया शुरू होगी।