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दुराचार और जालसाजी में दो की जमानत अर्जी खारिज

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मऊ। जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयश्री आहूजा ने दुराचार और जालसाजी के अलग-अलग मामलों में दो आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दिया। जिला जज ने यह आदेश बचाव पक्ष और प्रभारी डीजीसी फौजदारी के तर्कों को सुनने तथा केस डायरी का अवलोकन करने के बाद पारित किया।
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पहला मामला मधुबन थाना क्षेत्र का है। वादिनी मुकदमा को बस के ड्राइवर और कंडक्टर तथा खलासी ने मिलकर 20 मार्च को गजियापुर के पास छेड़छाड़ की। वादिनी का आरोप है कि आरोपी अमन उर्फ छोटू सोनकर ने घर पहुंचाने के नाम पर उसके साथ दुराचार किया। मामले में आरोपी आजमगढ़ जनपद के तरवां थाना क्षेत्र के कम्हरिया खरिहानी गांव निवासी अमन उर्फ छोटू सोनकर पुत्र राजकुमार की ओर से जमानत के लिए अर्जी दी गई। अर्जी पर बचाव पक्ष और प्रभारी डीजीसी फौजदारी शिवदत्त यादव के तर्कों को सुनने और केस डायरी का अवलोकन करने के बाद अपराध की गंभीरता को देखते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दिया।
दूसरा मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। एसआई श्रीप्रकाश शुक्ला ने 16 मार्च को फर्जी पुलिसकर्मी बनकर वाहन चालकों को धमकाने के मामले में आजमगढ़ जनपद के शहर कोतवाली क्षेत्र निवासी ओमप्रकाश तिवारी पुत्र विजय शंकर तिवारी को पकड़ा। इस आधार पर मुकदमा पंजीकृत कर ओमप्रकाश तिवारी को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से न्यायालय ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया। मामले में आरोपी ओम प्रकाश तिवारी की ओर से जमानत के लिए अर्जी दी गई। अर्जी पर बचाव पक्ष और प्रभारी डीजीसी फौजदारी के तर्कों को सुनने के बाद जिला जज ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।
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