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संशोधित बजट के अभाव में दम तोड़ रही पेयजल योजनाएं

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मऊ। जिले के विभिन्न गांवों में करोड़ों की लागत से बन रहे पेयजल योजनाएं बजट के अभाव में दम तोड़ रही है। गांवों में शुद्ध पानी उपलब्ध कराने के लिए करोड़ों की लागत से विभिन्न योजनाओं के तहत 47.1635 करोड़ की लागत से 28 ओवरहेड टैंक का निर्माण कार्य चल रहा है। लेकिन शासन की तरफ से अभी तक 16.1602 करोड़ रुपये ही अवमुक्त हो पाया है। समय से बजट की उपलब्धता न होने से अभी तक तीन प्रोजेक्ट ही पूरा हो पाया है। यही नहीं दशकों पूर्व बने ओवरहेड टैंक बदहाल पड़े हैं। जर्जर पाइपलाइन होने से लोगों को शुद्ध पानी मयस्सर नहीं हो पा रहा है। प्रदूषित पानी के सेवन से लोग विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। प्रदूषित पानी की जांच के लिए लैब तो बना है, लेकिन टेक्नीशियन के अभाव में शो पीस बनकर रह गया है।
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जिले में 673 ग्राम पंचायतें हैं। शासन की तरफ से लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए तमाम योजनाएं चलाई जा रही हैं। लेकिन समय से बजट की उपलब्धता न होने से करोड़ों की लागत से बन रहे पेयजल योजना के प्रोजेक्ट अधर में लटके पड़े हैं। दशकों पूर्व जो ओवरहेड टैंक भी बने हैं, उचित रख रखाव के अभाव में बदहाल पड़े हैं। प्रदूषित पानी का सेवन करने से लोग विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। बदहाल ओवरहेड टैंकों पर नजर डाला जाए तो रतनपुरा ब्लाक क्षेत्र के रतनपुरा बाजार में ओवरहेड टैंक, चिरैयाकोट बाजार में बना ओवरहेड टैंक, मधुबन कस्बा का ओवरहेड टैंक, गोंठा ओवरहेड टैंक की पाइपलाइन जर्जर हाल में है। ओवरहेड टैंक की समय से सफाई कार्य भगवान भरोसे चल रहा है। गांवों में शुद्ध पानी उपलब्ध कराने के लिए करोड़ों की लागत से 47.1635 करोड़ की लागत से सुरहुरपुर, कुर्थीजाफरपषुर, लखनौर, रुक्कनपुर, परसूपुर मुबारकपुर, डंगौली सहित 28 ओवरहेड टैंक का निर्माण कार्य चल रहा है। लेकिन शासन की तरफ से अभी तक 16.1602 करोड़ रुपया ही अवमुक्त हो पाया है। समय से बजट की उपलब्धता न होने से अभी तक अली नगर, बेलचौरा, कुड़सर में ओवरहेड टैंक का तीन प्रोजेक्ट ही पूरा हो पाया है। प्रदूषित पानी की जांच के लिए जल निगम के कार्यालय परिसर में लैब तो बना है, लेकिन लंबे समय से टेक्निशियन का पद रिक्त चल रहा है। ऐसे में यह लैब लोगों के लिए अनुपयोगी साबित हो रहा है। इस संबंध में जल निगम के अधिशासी अभियंता एके शर्मा का कहना है कि शासन से बजट की मांग की गई है। टेक्निशियन की तैनाती के लिए पत्र भेजा गया है।
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