मऊ। दिसंबर माह में 12 दिन बीतने के बाद भी जिले के परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को स्वेटर अब तक नहीं मिला है। ठंड लगातार बढ़ रही है। लेकिन शासन की तरफ से स्वेटर वितरण करने की प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकी है। जबकि विभाग की तरफ से बच्चों की संख्या निदेशालय को भेज दी गई है। वहीं जूता मोजा वितरण प्रक्रिया पूरी न हो पाने से बच्चों को ठंड में ठिठुरते हुए विद्यालय जाना पड़ रहा है। अधिकारी निकाय चुनाव की वजह बताकर मामले से पल्ला झाड़ ले रहे हैं।
जिले में 1080 प्राथमिक तथा 442 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। परिषदीय विद्यालयों में बालक 64481, बालिका 70133 सहित 134614 बच्चे अध्ययनरत हैं। सरकार की तरफ से परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को नि:शुल्क स्वेटर वितरण करने का फरमान जारी किया गया था। लेकिन दिसंबर माह में 12 दिन बीत जाने के बाद भी शासन से स्वेटर की आपूर्ति नहीं की जा सकी है। इस बीच ठंड लगातार बढ़ रही है। ऐसे में स्वेटर का वितरण कब तक शुरू होगा अधिकारी बताने को तैयार नहीं है। बताया जा रहा है कि नगर निकाय चुनाव की आचार संहिता लागू होने के कारण स्वेटर वितरण प्रक्रिया मेें देरी हो रही है। उधर जूता तथा मोजा वितरण प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकी है। जिला प्रशासन की तरफ से गठित टीम द्वारा सत्यापन में देरी के चलते अभी तक तीन ब्लाकों में जूता मोजा वितरण शुरू ही नहीं हो पाया है। जूता मोजा वितरण में तीन कैटेगरी बनाई गई है। बच्चों को एक जोड़ी जूता तथा दो जोड़ी मोजा दिया जाना है। पहली से तीसरी कक्षा, चौथी से छठवी तथा छठवीं से आठवीं कक्षा बच्चों को तीन कैटेगरी बनाई गई है। जूता मोजा वितरण न होने से बच्चों को ठंड में ठिठुरते हुए नंगे पैर स्कूल जाने को विवश हैं। इस बाबत जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश कुमार का कहना है कि शासन से स्वेटर की आपूर्ति होते ही बच्चों में वितरित कर दिया जाएगा। जूता मोजा वितरण प्रक्रिया चल रही है। निकाय चुनाव के चलते वितरण प्रक्रिया में बाधा आई है।