मऊ। शासन की मंशा के अनुरुप इस वर्ष बिना पंजीकृत किसान अपने धान की फसल को नहीं बेच सकेंगे। हालांकि सरकार के आदेश पर इस वर्ष जिले में स्थापित क्रय केंद्रों पर किसानों का पंजीकरण करने की सुविधा भी मुहैया करा दी गई है। पंजीकृत किसानों के बिके फसल का दाम ई बैंकिंग के जरिए सीधे उनके खातें में भेजा जाएगा। एक नंवबर से शुरू होने वाले धानक्रय केंद्रों की तैयारी संबंधित विभाग ने पूरी कर लिया है।
जिले में मौजूद करीब दो लाख किसानों की उपज का लाभ देने के लिए सरकारें समय-समय पर नियमों में परिवर्तन करती रहती है। इसक्रम में इस बार सरकार ने बिना पंजीकृत किसानों की फसल न खरीदने का फैसला किया है। इसके लिए जिले में किसानों के पंजीकरण करने की प्रक्रिया लागू की गई थी। इस कार्य में मऊ जिला प्रदेश में अव्वल भी आया था। इसके बाद भी कुछ किसान अभी भी पंजीकृत नहीं हो सकें। किसानों का पंजीकरण कराने के पीछे सरकार की मंशा उन्हें सीधे लाभ पहुुंचने से है। बताते चले जिले में करीब दो लाख किसान है। ऐसे में शासन से यहां पर 79.100 मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह लक्ष्य बीते वर्ष की तुलाना में मात्र एक मीट्रिक टन अधिक है। बीते वर्ष धान खरीद का लक्ष्य 78 मीट्रिक टन निर्धारित किया गया था। इस दौरान किसानों की उपज की कीमत के भुगतान करने के लिए कोई समय सीमा तय नहीं की गई थी। लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। अबकी बार उन्हीं किसानों की उपज खरीदा जाएगा, जिनका पंजीकरण कृषि विभाग में किया होगा। उपज के सापेक्ष्य धन सीधे किसान के खाते में 72 घंटा के अंदर स्थानांतरित किया जाएगा। जिन किसानों का पंजीकरण नहीं है, लेकिन वो क्रय केंद्र पर धान बेचना चाहते है। तो पहले उनका पंजीकरण किया जाएगा, इसके बाद उनकी उपज खरीदी जाएगी। मिली जानकारी के अनुसार इसके लिए किसान को एक दिन पहले आईडी प्रुफ, आधार और बैंक की छाया प्रति लेकर क्रय केंद्र पर जाना होगा। यहां उनका पंजीकरण किया जाएगा। इसके बाद दूसरे दिन किसान अपनी उपज लेकर क्रय केंद्र पर पहुंचेगे।