जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक राजेश रोमन ने बताया कि एक जनपद एक उत्पाद योजना के तहत जिले में वस्त्र उद्योग हस्तशिल्पियों के आजीविका के साधनों को सुदृढ़ीकरण करते हुए उनके जीवन स्तर को उन्नत किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत पारंपरिक कारीगरों की कौशल वृद्धि के लिए प्रशिक्षण देकर दक्ष बनाया जाना है। अर्धकुशल श्रमिक मजदूरी दर पर मानदेय देय होगा। प्रशिक्षण के पश्चात सभी प्रशिक्षार्थियों को टूल किट प्रदान किए जाएंगे।
बताया कि इसके लिए आवेदक उप्र का मूल निवासी हो, आयु न्यूनतम 18 वर्ष होनी चाहिए, आवेदक की पारंपरिक हस्तशिल्पी वस्त्र उद्योग आदि से जुड़ा होना चाहिए। योजना के अंतर्गत वित्त पोषण के लिए आवेदक किसी भी राष्ट्रीकृत बैंक, वित्तीय संस्था, सरकारी संस्था आदि का चूक कर्ता नहीं होना चाहिए। एक परिवार का एक ही सदस्य ही योजना अंतर्गत आवेदन के लिए पात्र होगा। योजना अंतर्गत पात्रता केलिए जाति एकमात्र आधार नहीं होगा। परंपरागत कारीगरी से जुडे होने से प्रमाण के रूप में ग्राम प्रधान, अध्यक्ष नगर पंचायत अथवा नगर पालिका, नगर निगम के संबंधित वार्ड के सदस्य के द्वारा निर्गत किया गया प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। हस्तशिल्पी पहचान पत्र धारक परिवार के सदस्यों को उपर्युक्त प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य नही होगा। उपर्युक्त पात्रता रखने वाले आवेदक 22 फरवरी 2019 को पांच बजे तक अपना आवेदन पत्र जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र में जमा कर सकते हैं।