हिंदी साहित्य परिषद के तत्वावधान में रविवार को नगर के हिंदी भवन में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। विक्रमशिला विश्वविद्यालय भागलपुर बिहार से जिले के वरिष्ठ कवि एवं पूर्वांचल भोजपुरी साहित्य परिषद के अध्यक्ष पं. दयाशंकर तिवारी तथा मुहम्मद मतीन विद्यावाचस्पति उपाधि मिलने पर हर्ष प्रकट किया गया। साथ ही अंगवस्त्रम प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस मौके पर संगठन के अध्यक्ष डॉ. श्रीनाथ खत्री ने कहा कि पं. दयाशंकर तिवारी के गीत संग्रह माटी के महक के प्रथम संस्करण का प्रकाशन पूर्व में हुआ था। संग्रह के गीतों पर अपना मंतव्य व्यक्त करते हुए पं. नर्मदेश्वर चतुर्वेदी, डॉ. विवेकी राय एवं डॉ. चक्रवर्ती जैसे साहित्य मनीषियों ने दयाशंकर तिवारी की काव्य कला की सराहना करते हुए अपार संभावनाओं के रूप में रेखांकित किया था। वास्तव में इस उपाधि को पाने का हक पूर्वांचल के वरिष्ठ कवि पं. दयाशंकर तिवारी तथा मुहम्मद मतीन को है। इसी क्रम में डॉ. कैलाश नाथ चौबे ने कहा कि दयानंद तिवारी की कविताएं सामाजिक सरोकारों के मानक के रूप में स्थापित होती हैं। इस अवसर पर डॉ. शतानंद उपाध्याय, रामनिवास राय, आलम बलियावडी, ऋषिकेश पांडेय, रामजी उपाध्याय, मृतुंजय तिवारी, कवियत्री मधु राय, डॉ. शकुंतला तिवारी आदि शामिल रहे।