दुबारी। रबी फसल की सिंचाई के बाद किसानों को साधन सहकारी समितियों से यूरिया ही नहीं मिल पा रही है। शुक्रवार को फतहपुर मंडाव ब्लाक क्षेत्र के दुबारी स्थित साधन सहकारी समिति पर यूरिया न मिलने से नाराज दर्जनों किसानों ने प्रदर्शन किया। साथ ही जमकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी किया।
प्रदर्शनकारी किसानों का कहना था कि गेहूं सहित अन्य फसलों की सिंचाई के बाद यूरिया के छिड़काव का समय हो गया है, लेकिन प्रशासन द्वारा साधन सहकारी समिति पर अभी तक पर्याप्त मात्रा में यूरिया की उपलब्धता नहीं कराई जा सकी है। इसके चलते किसानों को काफी दिक्कतों से रूबरू होना पड़ रहा है। समितियों पर उर्वरक नदारद होने से किसानों को खुले बाजारों से ऊंचे रेट पर उर्वरक खरीदने के लिए विवश होना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों का यह भी कहना था कि सचिवों द्वारा कालाबाजारी किए जाने से ही क्षेत्र में यूरिया की किल्लत उत्पन्न हो गई है। समितियों पर यूरिया का रेट 299 प्रति बोरी है। निजी दुकानों पर 480 रुपये की दर से धड़ल्ले से बिक रही है।
जरूरत के समय समिति पर खाद ही नहीं मिलती है। कब आती है कब वितरित हो जाती है पता नहीं चलता है। शिकायत के बाद भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। समितियों पर यूरिया की अविलंब व्यवस्था नहीं की गई तो हम लोग तहसील मुख्यालय पर धरना करने को बाध्य हो जाएंगे। साधन सहकारी समिति के सचिव सतीश चंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि यूरिया की आपूर्ति नहीं मिल पाई है। यूरिया का रैक सोमवार को लगेगा। प्रदर्शन करने वालों में रमेश यादव, पूर्व प्रधान रमेश चंद, केबी सिंह, अवधेश चौहान, छोटेलाल, मुखलाल, जयप्रकाश यादव, रवि सिंह आदि शामिल रहे।
यूरिया के लिए समिति का चक्कर काट रहे किसान
मधुबन। रबी फसल की सिंचाई के बाद समितियों पर यूरिया की उपलब्धता न होने से किसानों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। समितियों पर यूरिया नदारद रहने से निजी दुकानदारों की चांदी कट रही है। किसानों को मनमाने दाम पर बेच रहे हैं। शिकायत के बाद भी छापेमारी नहीं की जा सकी है।
फतहपुर मंडाव ब्लाक क्षेत्र के साधन सहकारी समितियों पर यूरिया नदारद रहने से किसानों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। किसानों की मानें तो रबी की फसलों की सिचाई के बाद किसान यूरिया के लिए समितियों का चक्कर काट रहे हैं। समितियों पर यूरिया की किल्लत का निजी दुकानदार खूब फायदा उठा रहे हैं।
प्रति बोरी 80 से 100 रुपये प्रति बोरी अधिक वसूल रहे हैं। इस संबंध में क्षेत्र के किसान मुराद उस्मानी, यशवीर मल्ल, विशाल मल्ल, प्रेम भूषण पांडेय, शंशाक शेखर तिवारी का कहना कि रबी फसल की सिंचाई के बाद यूरिया की जरूरत है, लेकिन समितियों में यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित करने की जहमत तक नहीं उठाई जा सकी है। समस्या का अविलंब समाधान नहीं किया गया तो हम लोग चुप नहीं बैठेंगे। इस बाबत खंड विकास अधिकारी सुवेदिता सिंह का कहना है कि यूरिया की डिमांड की गई है। 10 जनवरी तक सभी समितियों पर यूरिया की आपूर्ति कर दी जाएगी।