मऊ। मदरसा जामिया मिफ्ताहुल ओलूम शाही कटरा के छात्रावास में रहने वाले छात्रों ने रविवार को सुबह से ही गेट कीपर और वार्डेन को हटाने की मांग को लेकर हंगामा करना शुरू कर दिया। छात्रों का बवाल देखकर मदरसे की इंतजामिया कमेटी की बैठक हुई। बैठक में कमेटी ने निर्णय लिया कि आगामी त्योहारों के मद्देनजर 15 दिन के लिए मदरसे को बंद कर दिया जाए और इस अवधि के लिए छात्रावास में रह रहे छात्रों को घर भेजकर छात्रावास खाली करा दिया जाए। कमेटी का यह निर्णय सुनते ही छात्र भड़क गए और कमेटी के फैसले का विरोध करने लगे।
छात्रों का बवाल तेज होता देख कमेटी ने पुलिस को सूचना दी। इसी बीच फ्लैग मार्च करते हुए पुलिस के जवान शाही कटरा तक पहुंच गए। पहले तो पुलिस ने छात्रों को कमेटी के आदेश का अनुपालन करते हुए छात्रावास खाली करने को कहा लेकिन पुलिस को देखते ही छात्रों ने अंदर से ताला बंद कर लिया। छात्र गेट कीपर और छात्रावास के वार्डेन को हटाने की मांग करते हुए शोर शराब करने लगे। छात्रों की मांग थी कि शाम को उन्हें देर से हास्टल में वापस लौटने की छूट दी जाए। कमेटी उसकी इस मांग को अनुशासनहीनता मानते हुए इसे मानने को तैयार नहीं थी। छात्र वार्डेन को हटाने की मांग करने लगे। मामला बिगड़ता देखकर पुलिस ने सख्त रवैया अपनाया। पुलिस ने लाउडस्पीकर से छात्रों को छात्रावास खाली करने को कहा। इस छात्रावास में यूपी के पश्चिमी जिलों सहित बिहार और पश्चिम बंगाल के जिलों तथा नेपाल तक के छात्र रहते हैं। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद छात्रों ने छात्रावास खाली करना शुरू कर दिया। इस कवायद में लगभग दो घंटे लग गए। इस छात्रावास में रहने वाले लगभग साढ़े तीन सौ छात्रों ने छात्रावास खाली कर दिया और अपने अपने घरों के लिए रवाना हो गए। बता दें कि छात्रों के देर रात तक छात्रावास में लौटने को लेकर मदरसा कमेटी ने सख्त रुख अपनाया था। कमेटी का कहना था कि वे शाम को जल्दी से वापस लौट आएं। छात्र इसका विरोध कर रहे थे। इस बाबत सीओ सिटी राजकुमार का कहना था कि मदरसा कमेटी के निर्णय का छात्र विरोध कर रहे थे। कमेटी के पदाधिकारियों के अनुरोध पर छात्रावास खाली कराया गया।