मऊ। जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयश्री आहूजा ने गैर इरादतन हत्या और हत्या का प्रयास के कुल तीन मामलों में पांच आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दिया। पहला मामला हलधरपुर थाना क्षेत्र का है। वादी मुकदमा नसीराबादकला गांव निवासी विजय राजभर की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का कथन है कि उसकी लड़की लक्ष्मीना की शादी गुलाब राजभर के साथ हुई थी। 15 जुलाई 2018 को लक्ष्मीना को उसके ससुराल वाले जला दिए। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले में आरोपी मामले में आरोपी भीमहर गांव निवासी सास सनेहिया देवी पत्नी शंकर राजभर, लालती पुत्री शंकर राजभर तथा प्रेमचंद पुत्र शंकर राजभर की ओर से जमानत की अर्जी दी गई। जिसे सुनवाई के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला जज ने खारिज कर दिया।
दूसरा मामला थाना मधुबन क्षेत्र का है। 25 सितंबर 17 को वादी मुकदमा निरीक्षक आनंद कुमार सिंह स्वाट प्रभारी मुखबिर की सूचना पर एक मोटरसाइकिल पर आ रहे तीन लोगों का पीछा किया तो आरोपीगण ने पुलिस पार्टी पर फायर कर दिए। पुलिस ने आरोपियों के पास से कारबाइन तथा अन्य चीजे बरामद किया। मामले में आरोपी आजमगढ़ जनपद के तरवां थाना क्षेत्र के बासगांव निवासी सूर्यांश दूबे पुत्र राजेश दूबे की ओर से जमानत के लिए अर्जी दी गई।
तीसरा मामला थाना घोसी कोतवाली क्षेत्र का है। पिडऊतसिंहपुर गांव निवासी अनुसार यशवंत कुमार राय पुत्र जनार्दन राय की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का कथन है कि पुरानी रंजिश को लेकर उसके चचेरे भाई बलवंत राय को 7 नवंबर 2013 को उसके गांव के संदीप राय, प्रवीण राय, शुभम राय, दिनेश राय ने बुरी तरह डंडे से मारा पीटा तथा संदीप ने कट्टे से फायर कर दिया जिससे बलवंत को चोटें आई। मामले में आरोपित पिड़ऊतसिंहपुर गांव निवासी दिनेश राय पुत्र कामता राय की ओर से जमानत के लिए अर्जी दी गई। तीनों मामलों में सुनवाई के बाद जिला जज ने खारिज कर दिया।
नौकरी के नाम पर रुपया हड़पने में चार पर रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश
मऊ। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट लोकेश नागर ने एक मामले की सुनवाई के बाद बैंकाक में नौकरी का वीजा दिलाने के नाम पर 70 हजार रुपये हड़प लेने के मामले में चार लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने का आदेश थानाध्यक्ष दोहरीघाट को दिया। मामले के अनुसार कोतवाली घोसी क्षेत्र के बड़रांव गांव निवासी अभिषेक कुमार पुत्र बृजभूषण प्रसाद ने सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। इसमें विजय, बिंदु देवी, उमेश उर्फ मंगल और लीलावती को आरोपी बनाया। वादी का कथन है कि उसे बैंकाक में नौकरी का वीजा दिलाने के लिए अभियुक्तगण ने साजिश करके 10 हजार रुपये नगद तथा 60 हजार रुपये लीलावती के खाते में जमा कराए। अभियुक्त ने न तो वीजा दिलाया और न ही उसके रुपये वापस किए। वादी का कथन है कि पैसा मांगने पर अभियुक्तगण ने 10 जुलाई 2018 को जान से मारने की धमकी दिया। मामले की सुनवाई के बाद सीजेएम ने थानाध्यक्ष दोहरीघाट को आरोपियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया।