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दुराचार के मामले में एक को दस वर्ष की सजा

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जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयश्री आहूजा ने दुराचार के मामले में नामजद आरोपी को दोषी पाते हुए दस वर्ष की सजा के साथ ही 50 हजार रुपया अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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मामले के अनुसार सरायलखंसी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासिनी वादिनी की लड़की को आरोपी सात मई 2016 को बहला फुसलाकर गोरखपुर भगा ले गया। वहां दो दिन तक उसके साथ दुराचार किया। पीड़िता वहां से किसी तरह से अपने घर आई और आप बीती सुनाई। पीड़िता की मां की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी आजमगढ़ जनपद के मुबारकपुर थाना क्षेत्र के बलुआ गांव निवासी जेके गुप्ता उर्फ जैकी पुत्र दुर्गा गुप्ता के विरुद्ध नामजद मुकदमा दर्ज किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी छेदी लाल गुप्ता ने कुल सात गवाहों को पेश कर अपना पक्ष रखा । बचाव पक्ष से कहा गया कि उसे झूठा फंसाया गया है । जिला जज ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी जेके गुप्ता उर्फ जैकी को दुराचार का दोषी पाते हुए दस वर्ष की सजा के साथ ही 50 हजार रूपया अर्थदंड का निर्णय सुनाया।
इनसेट-
हत्या के प्रयास में एक को सात वर्ष की सजा
मऊ। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक वीरनायक सिंह ने हत्या का प्रयास और आयुध अधिनियम के अलग-अलग मामलों में नामजद एक आरोपी को दोषी पाते हुए सात वर्ष की सजा के साथ ही तीन हजार रूपया अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड न देने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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पहला मामला मधुबन थाना क्षेत्र का है। मामले के अनुसार पाती चकरासी गांव निवासी मुकेश सिंह की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का कथन है कि 23 जुलाई 2011 की रात्रि में उसके ईट भट्टे पर आरोपी चढ़ा आए और रांची के मजदूरों से पैसा मांगने लगे। न देने पर लकड़ी के बोटे से बालू नामक मजदूर को मारकर गंभीर चोट पहुंचाया। उसे बचाने मुन्ना आया तो आरोपी ने तमंचे से उसके ऊपर फायर कर दिया। जिससे उसे गोली लग गई। पुलिस ने बलिया जनपद के फेफना थाना क्षेत्र के बजहां गांव निवासी लालजी खरवार पुत्र भुल्लन के विरुद्ध मामले की रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। वहीं, लालजी खरवार को 30 नवंबर 2011 को तमंचा के साथ पकड़ा था। आरोपी ने कोर्ट में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। एडीजे आरोपी लालजी खरवार को बलवा और हत्या के प्रयास और आयुध अधिनियम में दोषी पाते हुए सात वर्ष की सजा के साथ ही तीन हजार रूपया अर्थदंड निर्धारित किया।
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