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चार दिन बीतने के बाद भी टीम को नहीं मिले दस्तावेज

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जिला अस्पताल में भ्रष्टाचार को बोलबाला किस कदर तक छाया हैं, उसकी बानगी इन दिनों देखने को मिल रही हैं। जहां डीएम द्वारा सफाई व्यवस्था में खामियां मिलने पर संबंधित फर्म का टेंडर निरस्त करने के लिए जांच के लिए गठित टीम को चार दिन बीतने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने संबंधित दस्तावेज नहीं उपलब्ध करा रहा है। शनिवार को पहुंची टीम ने दस्तावेज न मिलने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए रविवार तक दस्तावेजों को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
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शनिवार को जांच टीम के अध्यक्ष एसडीएम सदर अनूप वर्मा दोपहर 12 सदर अस्पताल पहुंचे। जहां अस्पताल में साफ सफाई की जिम्मेदारी देख रही संस्था प्राइम क्लीन के साथ अस्पताल प्रबंधन द्वारा किए अनुबंध और अस्पताल में फर्म द्वारा तैनात कर्मचारियों की संख्या, साफ सफाई की स्थिति और फर्म को भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की मांग की। लेकिन अस्पताल प्रबंधन द्वारा दस्तावेजों को उपलब्ध नहीं कराया जा सका, जिस पर एसडीएम ने नराजगी जताते हुए सीएमएस डा. बृजकुमार को रविवार तक सभी दस्तावेजों उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उधर 25 जुलाई से संबंधित फर्म का टेंडर निरस्त करने और साफ सफाई व्यवस्था की जांच में गठित टीम दस्तावेज न मिलने के चलते जांच आगे नहीं बढ़ा पा रही हैं। इस बावत एसडीएम अनूप वर्मा का कहना हैं कि अस्पताल प्रबंधन की ओर से कुछ दस्तावेजों को अभी तक नहीं सौंपा गया हैं। हालांकि अस्पताल प्रबंधन से सभी दस्तावेज रविवार तक सौंपने का बात कही है।
बताते चले कि डीएम प्रकाश बिंदु ने सदर अस्पताल में भौतिक सत्यापन को लेकर 24 जुलाई को दोपहर करीब ड़ेढ बजे अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था। साथ खामियां मिलने पर संबंधित फर्म का टेंडर निरस्त करने और सफाई व्यवस्था की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की थी। जिसमें सदर एसडीएम अनूप वर्मा, जिलाकार्यक्रम अधिकारी केएम पांडेय और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी त्रिपाठी सम्मिलत हैं।
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