मऊ। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट लोकेश नागर ने गुरुवार को जिला जेल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में जेल में सब कुछ सामान्य मिला। किसी कैदी ने किसी प्रकार की कोई शिकायत नहीं किया। आयुध अधिनियम के एक मामले में आरोपी नूरआलम ने अधिवक्ता उपलब्ध कराने की मांग पर सीजेएम ने जेल अधीक्षक के माध्यम से प्रार्थना पत्र भेजवाने को कहा। इस दौरान सीजेएम ने जेल के सभी बैरकों, भोजनालय, अस्पताल आदि की सूक्ष्म निरीक्षण की। तफ्तीश के दौरान उन्होंने जेल में 547 कैदियों में 499 पुरुष, 8 महिलाएं, चार किशोर बंदी थे। इसमें 124 पुरुष कैदी सजायाप्ता और 422 कैदियों के केस विचाराधीन हैं। इस दौरान जेलर लाल रत्नाकर सिंह, डिप्टी जेलर धीरेंद्र कुमार सिंह, अजय कुमार झां, रामप्रवेश सिंह, जेल चिकित्सक व अन्य कर्मचार शामिल रहे।