पहसा । आपूर्ति विभाग की दोहरी कार्यप्रणाली और बेपरवाह रवैये का खामियाजा रतनपुरा ब्लाक के कार्डधारक उपभोक्ताओं का उठाना पड़ रहा है। क्योंकि विभाग एक तरफ ग्राम पंचायत अधिकारियों से राशनकार्डो का सत्यापन करा रहा है, वही दूसरी तरफ तहसील मुख्यालय पर बैठे आपूर्ति विभाग के कर्मचारियों द्वारा कोटेदारों से कार्डधारकों के दस्तावेज मंगाकर नामों को काटने और जोड़ने का काम किया जा रहा है। इसके चलते 18 माह बाद भी कार्डधारकों की फीडिंग का कार्य पूरा नहीं हो सका।
सदर तहसील मे पिछले लगभग दो साल से कार्ड धारकों की फीडिंग दुरुस्त करने का काम चल रहा है, परंतु यह सुधरने के बजाए और उलझता जा रहा है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि आपूर्ति विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों मनमानेपन के कारण यह दिक्कत उत्पन्न हुई। विभागीय सूत्रों की माने तो दो वर्ष पूर्व एनएफएसए के तहत सर्वे कराए गए थे। ग्रामीण क्षेत्रों की सूची ब्लाक स्तर व शहरी इलाकों की सूची संबंधित नगर पालिका कार्यालयों के माध्यम से आपूर्ति विभाग को प्राप्त हुई थी। इसके बाद भी तहसील स्तर पर बैठे अधिकारी कर्मचारी कोटेदारों से कार्डधारकों की सूची मंगवा कर मनमाने तरीके से फीडिंग करने का काम किए हैं। सूची सार्वजनिक होने के बाद से ही इसे दुरुस्त करने का काम चल रहा है , लेकिन 18 माह बीतने के बाद भी आज तक दुरुस्त नहीं हुई, और न ही कार्ड ही जारी किए जा सकें। आलम यह है कि इसके चलते भ्रम की स्थिति बनी हुई है। जिससे आए दिन कार्डधारकों व कोटेदारों के बीच किचकीच हो रही है। इस गोलमाल के बाबत बात करने पर पर उपजिलाधिकारी सदर डा. राजेश ने बताया कि इस तरह की कोई शिकायत उनके पास नहीं आई है। यदि ऐसा कोई मामला आता है, तो जांच कराकर संबंधित के विरूद्घ कार्रवाई की जाएगी।