पहसा। जिले के सदर तहसील में विभागीय उदासीनता के कारण समय से आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र जारी नहीं हो पा रहा। इससे आवेदक काफी परेशान हैं, खासतौर से विभाग की इस लापरवाही का शिकार छात्र-छात्राएं काफी हो रही हैं। प्रमाण पत्रों के अभाव मे जहां छात्रों को उच्च संथाओं में दाखिला लेने में असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, वहीं छात्रवृत्ति के आवेदन भरने में परेशानी हो रही है। सूत्रों के अनुसार गत एक सप्ताह से तहसील मे हजारों आवेदन डंफ पड़े हैं। जबकि बात करने पर विभाग लेखपालों के स्थानांतरण की दुहाई दे रहा है।
2012 में शासन ने आठ विभागों की 26 सेवाओं को ऑन लाइन कर दिया। दूरदराज के लोगों की सुविधा के लिए गांवों में जनसुविधा केंद्रों का संचालन कराया गया। बाद में 2015 मे जिले को ई- डिस्टिक से जोड़ दिया गया। इसके लिए प्रत्येक कार्यो के निस्तारण के लिए समय सीमा भी निर्धारित की गई। जिसमें यह निर्धारित किया गया कि किसी भी आवेदन का निस्तारण अधिकतम 15 दिनों के अंदर करना होगा। ऐसा न होने पर उस अधिकारी और कर्मचारी के वेतन से कटौती की जाएगी। लेकिन इस आदेश का अनुपालन नहीं किया जा रहा । मौजूदा समय में विभिन्न शिक्षण संथाओं में आवेदन और छात्रवृत्ति के अलावा विभिन्न भर्तियों के लिए आवेदन किए जा रहे हैं। ऐसे समय मे प्रमाण पत्रों के जारी न होने से जरुरतमंदो को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
केस नं 1
नसीराबाद कलां निवासी कुमारी खुशबू को उच्च शिक्षण संस्था में प्रवेश लेने के लिए आय,जाति प्रमाण पत्रों की दरकार है। लेकिन आवेदन करने के लगभग दो सप्ताह से ज्यादा का समय बीत चुका है। लेकिन उसे आज तक प्रमाण पत्र जारी नहीं हो सका।
केस नं 2
नसीराबाद खुर्द निवासी अमित कुमार चौहान ने प्रवेश और छात्रवृत्ति के लिए बीते 2 अगस्त को आवेदन किया था, आज एक माह के करीब होने को है। लेकिन अभी तक उसे प्रमाण पत्र निर्गत नहीं हुआ।
केस नं 3
नसीराबाद निवासी गंगाधर ने बीते 10 अगस्त को आय, जाति और निवास के लिए आवेदन किया । वह भी प्रमाण पत्रों के लिए रोज जन सेवा केंद्र का चक्कर लगा रहा है , लेकिन उसे भी अभी तक प्रमाण पत्र नहीं दिया जा सका है।
इनसेट
कोट- इस संबंध में संपर्क करने पर तहसीलदार सदर मिथिलेश त्रिपाठी ने बताया कि बीते माह हल्का लेखपालों का स्थानांतरण किया गया था। नए स्थानों पर प्रभार ग्रहण करने वाले लेखपालों की अभी आईडी जनरेट नहीं की जा सकी है। इसके चलते यह समस्या उत्पन्न हो रही। जल्द ही समस्या का निराकरण हो जाएगा।