फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बेअसर साबित हो रहा पशु आश्रय स्थल बनाने का फरमान

विज्ञापन
विज्ञापन
मऊ। शासन के आदेश के बाद भी निकायों तथा गांवों में पशु आश्रय स्थल का निर्माण नहीं किया जा सका है। ग्राम पंचायतों तथा निकायों की तरफ से पशु आश्रय स्थल का निर्माण होना है, लेकिन संबंधित गांवों के ग्राम प्रधान तथा निकायों के चेयरमैन रुचि नहीं ले रहे हैं। मात्र नगरपालिका में ही पशु आश्रय स्थल का निर्माण किया गया है। हालत यह है कि छुट्टा पशु गेहूं, अरहर, मटर सहित अन्य फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। किसानों की शिकायत के बाद भी अधिकारी पशु आश्रय स्थल निर्माण प्रक्रिया चलने की बात कहकर मामले से पल्ला झाड़ ले रहे हैं।
विज्ञापन

जिले मेें 10 निकाय सहित 684 ग्राम पंचायतें हैं। छुट्टा पशुओं की तेजी से बढ़ रही संख्या से किसानों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। छुट्टा पशु खेतों में घुसकर फसलों को बर्बाद कर दे रहे हैं। फसलों के नुकसान से बचाने के लिए शासन की तरफ से नगरपालिका, नगर पंचायतों तथा ग्राम पंचायतों में पशु आश्रय स्थल बनाने के लिए आदेश जारी किया गया है। निकायों के चेयरमैन तथा ग्राम प्रधानों के रुचि न लेने के चलते प्रक्रिया धीमी गति से चल रही है। अभी तक नगरपालिका में ही पशु आश्रय स्थल बनवाया गया है। यहां भी सीमित संख्या में ही पशु रखे गए हैं।
विभागीय अधिकारियों की मानें तो प्रत्येक ब्लाक क्षेत्र में पशु आश्रय स्थल बनाने का काम चल रहा है। गत 20 फरवरी को जिलास्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी द्वारा प्रस्तुत आंकड़े के अनुसार पशु गणना के मुताबिक जिले में तीन लाख 19 हजार पशु खुले में थे। जिनमें से 2484 पशु बाहर बताए गए हैं। इस बाबत मुख्य पशु चिकित्साधिकारी भगवान सिंह का कहना है कि प्रत्येक ब्लाक क्षेत्रों में पशु आश्रय स्थल बनाने का काम चल रहा है। ग्राम प्रधान रुचि नहीं लेने के चलते समस्या आ रही है।
विज्ञापन

केस नंबर एक
फसलों के बर्बाद होने से चिंतित हैं किसान
मधुबन। फतहपुर मंडाव क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में छुट्टा पशुओं का आतंक बढ़ता ही जा रहा है। छु्ट्टा पशु गेहूं, सरसों,चना, मटर सहित अन्य फसलों के खेेतों में घ़ुसकर फसलों को बर्बाद कर दे रहे हैं। क्षेत्र के कुतुबपुर धनेवा, नसीरपुर कुसहा, दरगाह में पशु आश्रय स्थल का निर्माण कार्य चल रहा है।
केस नंबर दो
बढुआगोदाम। क्षेत्र कहिनौर, परदहां, ताजोपुर, महलीपुर, बहरीपुर, डुमरांव सहित विभिन्न ग्रामीण इलाकों में छुट्टा पशुओं की संख्या में इजाफा होने से किसानों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। इस समय गेहूं की फसलों की सिंचाई हुई है। ऐसे में छुट्टा पशुओं का झुंड घुसने से तहस नहस हो जा रही है। इस संबंध में क्षेत्र के गिरधर प्रसाद, स्वामीनाथ पांडेय, मनोज यादव, श्रीकांत सिंह का कहना है कि शासन के फरमान के बाद भी गांवों में पशु आश्रय स्थल निर्माण कराने का काम शुरू नहीं किया जा सका है। समस्या का समाधान नहीं किया गया तो हम लोग आंदोलन करने को बाध्य हो जाएंगे।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें