मऊ। जिला अस्पताल में 2016 से गंभीर रूप से बीमार बच्चों के लिए बन रहा 10 बेड पीडियाट्रिक आईसीयू नए साल के पहले माह से शुरू हो सकता है। 50 लाख 59 हजार की लागत से बने पीडियाट्रिक आईसीयू भवन में करीब दो करोड़ की आधुनिक मशीनें लगाने का कार्य अंतिम चरण में है। अस्पताल प्रबंधन द्वारा एक चिकित्सक को इसको संचालित करने के लिए प्रशिक्षण के लिए लखनऊ भेजा जा चुका है, वहीं 18 स्टॉफ की तैनाती की जा चुकी है। आईसीयू बनने के बाद गंभीर रूप से बीमार बच्चों का इलाज जिले में संभव हो सकेगा।
अस्पताल प्रबंधन की माने तो पीडियाट्रिक आईसीयू का कार्य अंतिम चरण में है। इसके लिए एक बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर को ट्रेनिंग के लिए भेजा जा चुका है, वहीं सपोर्टिंग स्टॉफ के लिए 18 नर्सों की तैनाती की जा चुकी है। जबकि लखनऊ की कार्यदायी संस्था द्वारा आईसीयू बेड, बेड साइड मॉनीटर, सेंट्रल मानीटरिंग स्टेशन, सेंट्रल गैस पाइप लाइन, पीडियाट्रिक वेंटिलेटर, एबीजी एनेलाइजर, साइरिंग पंप जैसे उपकरण को लगाया जा रहा है। जहां कार्य पूरा होने के बाद पीआईसीयू का संचालन शुरू किया जा सकता है।
बताते चले कि इसको देखते स्वास्थ्य विभाग द्वारा 50 लाख 59 हजार की लागत से 2016-17 में जिला अस्पताल में10 बेड वेंटिलेटर युक्त पीडियाट्रिक आईसीयू भवन बनाने के लिए राशि अवमुक्त की गई थी। जहां चार माह पूर्व ही कार्यदायी संस्था की ओर से भवन बनाकर स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर किया गया था। इस बाबत सीएमएस डॉ. बृजकुमार ने बताया कि पीडियाट्रिक आईसीयू का कार्य अंतिम चरण में है। कार्य पूरा होने के बाद इसमें गंभीर रूप से बीमार बच्चों का इलाज शुरू कर दिया जाएगा।