मधुबन (मऊ)। तहसील के कुछ इलाकों को छोड़ दें तो पूरा क्षेत्र असुरक्षित है। कई जगह गलत तरीके से सड़क से सटे हुए रखे ट्रांसफार्मर दुर्घटना को दावत दे रहे हैं। बरसात के मौसम में हादसों का खतरा और बढ़ जाता है। इतना ही नहीं लोग सड़क किनारे रखे इन ट्रांसफार्मरों के आसपास लटक रहे खुले नंगे तारों के पास से होकर निकलने को मजबूर हैं। खुले में रखे ट्रांसफार्मर और झूलते जर्जर बिजली तार लोगों के लिए खतरा बन गए हैं। वहीं आए दिन इन ट्रांसफार्मरों से चिंगारी और स्पार्किंग होना आम बात है। न तो इन ट्रांसफार्मरों के आसपास जाली है और न टीपीओ स्विच, जिससे आसपास से निकलते लोगों को करेंट लगने का खतरा तो रहता ही है, साथ ही स्पार्किंग होने से आसपास की दुकानों में आग लगने का खतरा बना रहता है। इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
मधुबन नगर पंचायत में कुछ स्थानों पर ही ट्रांसफार्मर मानक के अनुरूप रखे गए हैं। नगर पंचायत के मऊ-मधुबन मार्ग स्थित ट्रांसफार्मर एक तो खुले में रखा है, ऊपर से जर्जर हाईटेंशन लाइन सेे कई बार तो जर्जर एचटी तार टूटकर सड़क पर गिर जाते हैं और उनमें करेंट चालू रहता है। इसके बाद भी लोगों को जानकारी न होने पर लोग उस तार के आसपास से होकर गुजरते रहते हैं। वहीं ब्लॉक मार्ग के पास रखा ट्रांसफार्मर और उससे लटकते खुले नंगे तार से करेंट का खतरा बना रहता है। जबकि ब्लाक मुख्यालय में रविवार को छोड़कर सप्ताह के शेष दिन बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन बना रहता है। विद्युत विभाग के अधिकारियों ने आज तक चेकिंग कर न तो कभी खुले में रखे इन ट्रांसफार्मरों की सुध ली और न ही लोगों की सुरक्षा के कोई इंतजाम किए, जबकि विद्युत विभाग ट्रांसफार्मर और विद्युत तार चकाचक होने का दावा करता है। इतना ही नहीं घनी आबादी वाले मोहल्लों में तो जर्जर विद्युत तारों का हाल और भी ज्यादा खराब है। इस संबंध में क्षेत्र के जमील अहमद, विनोद मल्ल, भीम मल्ल, डा. गुरु प्रसाद द्वारा गार्डिंग (तारों के नीचे जाल) और ट्रांसफार्मर को सुरक्षित करने के चारों तरफ से लोहे की जाली लगाने की मांग को लेकर स्थानीय अधिकारियों को शिकायत दर्ज करा चुके हैं। इस बाबत एसडीओ मुकेश कुमार का कहना है कि प्रस्ताव बनाकर आला अधिकारियों को भेजा जा चुका है। बजट स्वीकृत होने के बाद इस पर कार्य किया जाएगा।
इन मानकों का नहीं हैं ख्याल
मधुबन। गार्डिंग (तारों के नीचे जाल) होना चाहिए। साथ ही ट्रांसफार्मर पर टीपीओ स्विच (इससे करेंट बंद होता है) लगे होने चाहिए। इसके अलावा ट्रांसफार्मर बाडी में अर्थिंग होनी चाहिए। वहीं ट्रांसफार्मर चबूतरे पर हों और चारों ओर जाली लगी हो, एचटी और एलटी एक सपोर्ट पर हैं तो गार्डिंग अनिवार्य न्यूट्रल अर्थिंग, इससे करेंट का खतरा कम होता है।