सरकार की तरफ से शुरू किया गया परिवार नियोजन कार्यक्रम जागरुकता के अभाव में परवान नहीं चढ़ पा रहा। विभाग द्वारा 2018-19 के लिए 15 हजार महिला और 50 पुरूष नसबंदी का लक्ष्य रखा गया है। लेकिन अभी तक केवल 322 महिलाओं की ही नसबंदी हो सकी है। जबकि पुरुष का आंकड़ा शून्य है। वहीं वित्तीय वर्ष समाप्त होने में चार माह ही शेष हैं। आधे से अधिक समय बीत जाने पर अब विभाग लक्ष्य पूरा करने की कोशिश में जुटा है।
बताते चले कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा परिवार नियोजन योजना के तहत जिले के चार तहसील में मार्च 2018- 19 में 15 हजार महिलाओं की नसबंदी और 50 पुरूष नसबंदी का लक्ष्य विभाग को दिया था। लेकिन मार्च से 28 नवंबर 2018 तक आठ माह बीतने तक अभी तक केवल 322 महिलाओं का ही नसबंदी किया है। जबकि विभाग द्वारा कोपागंज में हर मंगलवार और शुक्रवार तथा मुहम्मदाबाद गोहना सीएची में हर गुरुवार को कैंप लगाने का दावा किया जा रहा है। सबसे बदतर स्थित पुरूष नसबंदी की है, जहां बीते आठ माह में एक भी नसबंदी नहीं हो सकी है, जबकि बीते साल भी मिले लक्ष्य 35 के सापेक्ष विभाग केवल एक ही नसबंदी कर सका था। वहीं 15 हजार महिला नसबंदी के सापेक्ष 1590 नसबंदी हो सकी थी। ऐसे में जहां बीते आठ माह में जहां केवल 322 नसबंदी हो सकी है, वहीं तीन माह में 14678 नसबंदी होना असंभव कार्य है। हालांकि विभागीय अधिकारी लक्ष्य को तीन माह में पूरा होने की दावा कर रहे है। इस बावत कार्यक्रम के नोडल अधिकारी व अपर सीएमओ डा. पीके राय का कहना है कि जागरूकता और मैन पावर के कमी के चलते समस्या आ रही है। हालांकि शेष चार माह में विभाग द्वारा लक्ष्य को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।