मऊ। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक वीरनायक सिंह ने 13 वर्ष पुराने गैरइरादतन हत्या का प्रयास के मामले में पिता पुत्र सहित चार आरोपियों को दोषी पाते हुए तीन-तीन वर्ष की सजा के साथ ही 15-15 हजार रूपया अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड न देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वही अर्थदंड जमा हो जाने पर 50 हजार रूपया आहत को देने का आदेश दिया। मामला थाना दक्षिण टोला क्षेत्र का है।
भदेसरा गांव निवासी वादी मुकदमा कौशल्या देवी पत्नी सुभाष चंद शर्मा की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादिनी का कथन था कि 10 अप्रैल 2005 की रात में घर के बाहर शोर सुनकर वादिनी के पति सुभाष चंद घर से बाहर निकले कि गांव के ही प्रेमचंद, लौटन, सूबेदार और बेचन पुरानी रंजिश को लेकर वादिनी के पति को कुल्हाड़ी, डंडा से मारकर बुरी तरह घायल कर दिए। जिससे उनके सिर में गंभीर चोटे आई। पुलिस ने वादिनी की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना आरोपपत्र कोर्ट में प्रेषित किया। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपीगण भदेसरा गांव निवासी प्रेमचंद शर्मा पुत्र कन्हैया, सूबेदार पुत्र केशव, बेचन पुत्र सूबेदार और लौटन पुत्र बद्री को गंभीर चोट पहुंचाने के मामले में दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद सभी को तीन-तीन वर्ष की सजा के साथ ही 15-15 हजार रूपया अर्थदंड की सजा सुनाया।