धान की सिंचाई के समय शारदा सहायक खंड 32 पानी न छोड़े जाने से किसानों की समस्या गहराती ही जा रही है। विद्युत आपूर्ति व्यवस्था की भी दयनीय स्थिति होने से उन्हें नुकसान होने की चिंता सताने लगी है। परेशान किसानों ने आला अधिकारियों को अवगत कराया बावजूद नहर मेें पानी नहीं छोड़ा जा सका है।
शारदा सहायक खंड 32 क्षेत्र के दतौड़ा, मुुबारकपुर, मेउड़ीकला, गाढ़ा, रतनपुरा, जोगापुर सहित दर्जनों गांवों से होकर गुजरी है। किसानों के अनुसार एक नहर में एक माह से पानी न आने से किसानों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। धान की फसल में सिंचाई की जरूरत है। लेकिन नहर में पानी कब छोड़ा जाएगा लोगों को पता नहीं चल पा रहा है। अघोषित बिजली कटौती तथा ट्रिपिंग के चलते लगातार पांच घंटे भी बिजली नहीं मिल पा रही है। पंपिंगसेट से सिंचाई करने पर 120 से 130 रुपये प्रति घंटे देेना सभी किसानों के वश की बात नहीं है।
क्षेत्र के रविंद्र सिंह, वशीर अहमद, रविंद्र सिंह, रामप्रवेश कन्नौजिया, टुन्ना सिंह, सत्येंद्र कुमार का कहना था कि सिंचाई महकमे की ओर से नहर में पानी न छोड़े जाने से खेती किसानी भगवान भरोसे हो रही है। धान की फसल की सिंचाई की जरूरत है, लेकिन नहर में एक माह से पानी नहीं छोड़ा जा सका है। निजी संसाधनों से अधिक पैसा देने के बाद भी समय से पानी नहीं मिल पा रहा है। सिंचाई व्यवस्था नहीं की गई तो वह आंदोलन करेंगे।