मऊ। अब प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक भी कहानी सुनाने में पारंगत होंगे। इसके लिए पहली बार कहानी सुनाने की प्रतियोगिता कराई जाएगी। प्रतियोगिता दो चरणों में होगी। चयनित शिक्षकों की वीडियो एससीईआरटी की वेबसाइट पर अपलोड किए जाएंगे। डायट प्राचार्य ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से इच्छुक शिक्षकों की सूची मांगी है।
नगर शिक्षा अधिकारी एके गौतम ने बताया कि बच्चों को नैतिकता, संस्कार और आचरण आदि का पाठ पढ़ाने के लिए हमेशा से ही कहानियों का सहारा लिया गया है। इस साधन को अधिक प्रभावी बनाने और बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद(एससीईआरटी) की ओर से कहानी सुनाने की प्रतियोगिता कराई जाएगी। इससे स्कूलों में भी शिक्षक बच्चों को कहानियों के सहारे ही नैतिक, मानवीय और संस्कार व आचरण की शिक्षा देंगे। यह प्रतियोगिता दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में डायट प्राचार्य खंड शिक्षाधिकारियों से 31 अक्तूबर तक इच्छुक शिक्षकों के नाम लेंगे। इन नामित शिक्षकों की कहानियों को सुनकर कहानी की विषयवस्तु, भाषा, सुनाने के तरीके के आधार पर स्क्रीनिंग की जाएगी। अधिकतम 10 शिक्षकों का चयन 10 नवंबर तक किया जाएगा। स्क्रीनिंग में चयनित शिक्षकों को कहानी सुनाने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। जिला स्तर पर अंतिम चयन के लिए डायट की ओर से तीन सदस्यों का पैनल नामित किया जाएगा और चयनित शिक्षकों के नाम 17 नवंबर तक एससीईआरटी को उपलब्ध कराना हैं। कहानी का वीडियो, मोबाइल या कैमरे से बनाया जा सकता है। वहीं, दूसरे चरण में डायट से नामित शिक्षकों को नवंबर के अंतिम सप्ताह में एससीईआरटी लखनऊ आमंत्रित किया जाएगा। संबंधित शिक्षकों को अपनी कहानी सुनाने के कौशल का प्रदर्शन करना होगा। इसका मूल्यांकन चयन समिति करेगी। प्रत्येक मंडल से दो-दो श्रेष्ठ शिक्षकों को चुना जाएगा और पुरस्कृत किया जाएगा। इस प्रतियोगिता की वीडियो एससीईआरटी की वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी। निर्देश के क्रम में नगर शिक्षा अधिकारी ने मास्टर ट्रेनर चंद्रधर राय को इच्छुक शिक्षकों की सूची बनाने का निर्देश दिया है।