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लापरवाही न होती तो और बढ़ सकता था मतदान प्रतिशत

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रविवार को जिले में 1754 मतदान केंद्रों पर हुए लोकसभा चुनाव में हजारों लोगों का नाम मतदान सूची से गायब हो गया। जिसके चलते लोग मतदान करने से वंचित हो गए। इससे मतदान प्रतिशत के ग्राफ पर असर पड़ा। कई स्थानों पर मतदाता सूची में नाम न होने पर धरना प्रदर्शन किया। इसका परिणाम रहा कि मतदान प्रतिशत प्रभावित हुआ।
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जिले में सदर तहसील, मुहम्मदाबाद गोहना, घोसी और मधुबन तहसील के 1754 मतदान केंद्रों पर रविवार को वोट डाले गए। सुबह से ही बूथों पर वोटर पहुंचने लगे थे। इसमें से काफी संख्या ऐसे लोगों की भी थी जिनका खुद का
नाम वोटर लिस्ट में नहीं था, या परिवार के सदस्यों का नाम कट गया था। कुछ लोगों के नाम के साथ उनके पिता या पति का नाम गलत छप गया था। इसके चलते वेे वोट नहीं दे पाए। नगर के भीटी बूथ पर मतदान करने पहुंची गिरिजा देवी ने बताया कि वो मतदान लिस्ट से नाम गायब होने पर वो बिना मतदान किए लौटगई। वहीं नगर के सोनीधापा बूथ पर निजामुद्दीनपुरा की गीता पांडेय, सुगंधा, कविता आदि का नाम ना होने पर बिना मतदान किए ही लौट गई। वहीं ख्वाजाजहांपुर में गीता, रमेश, गीता, दशरथ, जीरा, महुआर पूना बूथ संख्या 388, 389 पर लालमुनि, उदयप्रताप, गिरजा सिंह आदि का मतदाता सूची से नाम न होने पर बैरंग लौटना पड़ा। रानीपुर : खुरहट पूर्व माध्यमिक विद्यालय पर मतदान करने पहुंची सोनरसी ने बताया कि उसका नाम मतदान लिस्ट में नहीं था। जिसके चलते उसे बैरंग लौटना पड़ा।
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