मऊ। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (चेतनारायण गुट) के प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर शिक्षकों ने पुरानी पेंशन बहाली सहित नौ सूूत्रीय मांगों को लेकर शुक्रवार को यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार किया। शिक्षक नेताओं ने सभी मूल्यांकन केंद्रों पर पहुंचकर अध्यापकों को अपनी मांगों पर अटल रहने को कहा। उधर माध्यमिक शिक्षक संघ के शर्मागुट सहित अन्य संगठनों से जुड़े अध्यापकों ने मूल्यांकन कार्य में सहयोग किया। मूल्यांकन केंद्रों पर बैठकें कर शिक्षकों को यूपी बोर्ड की गाइड लाइन बताई गई। परीक्षकों ने यहां उपस्थिति पंजिकाओं पर हस्ताक्षर किए। शनिवार से कापियों का मूल्यांकन शुरू किया जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक केसी भारती ने कहा कि एक गुट के अध्यापकों की हड़ताल से मूल्यांकन कार्य पर कोई खास असर नहीं रहा। चेत नारायण सिंह गुट के जिलाध्यक्ष शैलेश कुमार सिंह ने कहा कि मान्यता प्राप्त वित्त विहीन कालेजों को सवित्त मान्यता में परिवर्तित करने,पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू करने,अद्यतन कार्यरत तदर्थ शिक्षकों का विनियमितीकरण आदि 9 सूत्रीय मांगों को लेकर मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार किया जा रहा है। जिलाध्यक्ष की अध्यक्षता में मंडल अध्यक्ष डॉ. राकेश सिंह, संरक्षक राजेंद्र सिंह, सह संयोजक योगेंद्र सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रवि यादव ,राघवेंद्र कुमार सिंह आदि नेताओं ने मूल्यांकन केन्द्र तालीमुद्दीन इंटर कालेज, ए एल नोमानी इंटर कालेज, मुस्लिम इंटर कालेज केंद्रों का भ्रमण कर मूल्यांकन कार्य में शिक्षकों से सम्पर्क कर मूल्यांकन कार्य बहिष्कार के निर्णय से अवगत कराया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि सीबीएसई पैटर्न पर सरकार शिक्षकों से कार्य करा रही है तथा पाठ्यक्रम में सीबीएसई पैटर्न लागू है तो सीबीएसई बोर्ड के बराबर मूल्यांकन व निरीक्षण कार्य का परिश्रमिक दिया जाना चाहिए। शिक्षक नेताओं ने दावा किया कि 8 मार्च को किसी भी मूल्यांकन केंद्र पर भी कापियों के बंण्डल नहीं खुले। उधर मूल्यांकन केंद्र शहीद इंटर कालेज मधुबन में शिक्षक नेता कृष्णा नंद सिंह, विक्रमादित्य चौहान, रामलखन यादव, जयराम यादव आदि शिक्षकों ने मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार किया।