मऊ। विधि को जीवित रखने की जिम्मेदारी बार और बेंच दोनों की है। दोनों का एक ही लक्ष्य है, न्याय को मुकाम तक पहुंचाना। अधिवक्ता अपने ट्रैक से उतर रहे है। बार एसोसिएशन को ट्रेड यूनियन न बनाएं। यह बातें नवागत जिला जज मुकेश मिश्रा ने कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत शनिवार को सिविल कोर्ट सेंट्रल बार एसोसिएशन के पुस्तकालय भवन में आयोजित अपने सम्मान समारोह में कहा।
उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को अनुशासन में रहकर अपनी बात रखना चाहिए। न्याय देने और दिलाने का कार्य दोनों का है। ऐसे में न्यायिक अधिकारी अधिवक्ताओं की पूरी बात सुनकर ही आदेश पारित करे। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों को आदेश पारित करने की सलाह दिया। ताकि किसी पक्षकार को कष्ट न पहुंचे।
अंत में उन्होंने सभी को नववर्ष की शुभकामना दिया। बार के अध्यक्ष विरेंद्र बहादुर पाल ने जिला जज का बार एसोसिएशन में प्रथम आगमन पर स्वागत किया। साथ ही न्यायिक कार्य में अधिवक्ताओं के सहयोग का उन्हें भरोसा दिलाया। उन्होंने हड़ताल को समाप्त करते हुए सोमवार से न्यायिक कार्य किए जाने की घोषणा किया। इस दौरान बार के अध्यक्ष ने जिला जज का स्वागत किया। कार्यक्रम में लालजी पांडेय औा फतेहबहादुर सिंह ने अपना विचार व्यक्त किया। इस मौके पर अनिल राय, हरिद्ववार राय, दारोगा सिंह, अजय कुमार सिंह, सूर्यनाथ यादव, देवेंद्र प्रताप सिंह, शिवप्रसाद श्रीवास्तव, दिनेश सिंह, सदानंद राय, इश्तेयाक अहमद, शमसुल हसन आदि उपस्थित रहे।