पिपरीडीह। क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में तेजी से बढ़ रहे आवारा पशुओं तथा नील गायों के उत्पात से गेहूं सहित अन्य फसलों पर संकट गहराने लगा है। पशुओं का झुंड खेेतों में घ़ुसकर फसल बर्बाद कर रहा। ठंड के मौसम में किसान रखवाली भी नहीं कर पा रहे हैं। परेशान किसानों ने मुख्यमंत्री सहित जिलाधिकारी को पत्र लिखकर फसलों को बचाने की गुहार तो लगाई, लेकिन समस्या की जस तस है।
क्षेत्र के पिपरीडीह, भार, रैकवारेडीह, ओन्हाईच, अहिलाद, उस्मानपुर, पतिला, हासपुर, कुशमौर, कहिनौर, सिहांव, गढ़िया, बबुआपुर, पहाड़पुर, गोड़ी की मठिया सहित विभिन्न क्षेत्रों में पशुपालकों द्वारा बछड़ों को छोड़ दिए जाने से छुट्टा पशुओं की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। झुंड में छुट्टा पशु गेहूं, सब्जी सहित अन्य फसलों के खेत में घुसकर फसलों को नष्ट कर दे रहे हैं। फसलों को बचाने के लिए पहरेदारी में किसान दिन रात एक किए हुए हैं। परेशान होकर कई किसान खेतों को परती छोड़ दे रहे है।
क्षेत्र के क्षेत्र ओमप्रकाश सिंह, नीरज सिंह, सैफ अहमद, रामजीत मौर्य, जगरनाथ यादव, सर्वजीत यादव, धुव मौर्य, अशोक राम, जाफर अंसारी का कहना था कि कर्ज लेकर फसल लगाया। रात के समय पशु खेतों में घुसकर फसल को बर्बाद कर दे रहे हैं। कहा कि समस्या का अविलंब समाधान नहीं किया गया तो वह आंदोलन करेंगे।